विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रीजनल डायरेक्टर Hanan Balkhy ने ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों को लेकर डराने वाले आंकड़े जारी किए हैं. इस जंग के शुरुआती हफ्तों में ही हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लाखों लोग बेघर हो गए हैं. क्षेत्र में मानवीय संकट गहराता जा रहा है और अस्पताल भी इन हमलों की सीधी चपेट में आ रहे हैं. खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है.

जंग में अब तक कितना नुकसान हुआ है?

WHO की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इस युद्ध में अब तक कम से कम 3,300 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 43 लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित होकर अपना घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं. स्वास्थ्य सेवाओं पर हमलों का ब्यौरा इस प्रकार है:

  • स्वास्थ्य सुविधाओं पर अब तक 116 बार हमले होने की पुष्टि हुई है.
  • ईरान और लेबनान में हुए हमलों में स्वास्थ्य कर्मियों की भी जान गई है.
  • ईरान ने अमेरिका की ओर से दिए गए 48 घंटे के युद्धविराम के प्रस्ताव को फिलहाल ठुकरा दिया है.
  • इराकी सरकार ने सुरक्षा के मद्देनज़र Shalamcheh बॉर्डर क्रॉसिंग को बंद कर दिया है.

जंग के ताज़ा हालात और अन्य बड़े अपडेट

मैदान-ए-जंग से आ रही ताज़ा खबरों के मुताबिक इसराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में भी हवाई हमले किए हैं. इस बीच अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान लेबनान में मौजूद यूनिवर्सिटी को निशाना बना सकता है. अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं नीचे दी गई हैं:

घटना विवरण
मिसाइल लॉन्चर इसराइली सेना ने Tabriz में ईरान के मोबाइल बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर को तबाह किया.
विमान हमला ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के F-15E फाइटर जेट को मार गिराया है.
परमाणु खतरा Bushehr प्लांट पर हमले से पूरे क्षेत्र में रेडियोधर्मी कचरा फैलने का डर जताया गया है.
हवाई सुरक्षा ईरान ने नया एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर अपने आसमान पर पूरा कंट्रोल करने की बात कही है.

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को निशाना बनाना बताया गया है. खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा संबंधी दिशा-निर्देशों पर नज़र रखें क्योंकि युद्ध की वजह से कई रूट और बॉर्डर प्रभावित हो रहे हैं.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.