ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका का दावा है कि ईरान ने पाकिस्तान में मुलाकात की मांग की थी, लेकिन ईरान ने इसे पूरी तरह गलत बताया है। इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच क्या होने वाला है, इसे लेकर अब दुनिया भर की नजरें टिकी हैं।

ईरान और अमेरिका की मीटिंग को लेकर क्या है पूरा मामला?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ कर दिया कि अमेरिका के साथ इस्लामाबाद में कोई बैठक करने का उनका कोई प्लान नहीं है। वहीं, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने दावा किया कि ईरान ने ही बातचीत के लिए अनुरोध किया था। ईरान की समाचार एजेंसियों ने अमेरिकी दावे को पूरी तरह झूठ और गलत बताया है।

पाकिस्तान में कौन-कौन पहुंच रहा है?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi 24 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद पहुंचे। अमेरिका का मानना है कि वह वहां अमेरिकी दूतों से बात करेंगे, लेकिन ईरान का कहना है कि यह दौरा सिर्फ पाकिस्तान के साथ आपसी चर्चा के लिए है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner को भी इस्लामाबाद भेजा है।

बातचीत में ईरान की शर्तें क्या हैं?

ईरान का कहना है कि किसी भी बातचीत का मुख्य मकसद युद्ध को खत्म करना होना चाहिए। ईरान चाहता है कि उसे नुकसान की भरपाई मिले, Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही फ्री हो और उस पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं। इससे पहले 11-12 अप्रैल को भी पाकिस्तान में बातचीत हुई थी, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला था।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.