ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक बड़ा समझौता हुआ है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने बताया कि उनकी संसद ने इस समझौते (MOU) को पूरी तरह समर्थन दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने और युद्ध को रोकने की दिशा में बहुत अहम माना जा रहा है।

समझौते की मुख्य बातें

इस समझौते पर औपचारिक तौर पर शुक्रवार, 19 जून 2026 को साइन किए जाएंगे, जिसके लिए जेनेवा (स्विट्जरलैंड) को चुना गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इस डील के पूरा होने का ऐलान किया और तुरंत ही हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी हटाने का आदेश दिया।

  • साइनिंग प्रक्रिया: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति JD वेंस और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागर कालिबाफ ने रिमोटली इस समझौते पर साइन किए हैं।
  • शांति की कोशिश: ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने कहा कि यह सिर्फ पहला कदम है। अगले 60 दिनों में स्थायी शांति के लिए बातचीत होगी।
  • सुरक्षा परिषद का साथ: राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने बताया कि ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के 90% से ज़्यादा सदस्यों ने इस डील का समर्थन किया है। इसमें सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई का मार्गदर्शन भी शामिल रहा।
  • मध्यस्थता: इस पूरे समझौते को कराने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है।

क्या होगा असर

इस समझौते के बाद लेबनान में भी युद्धविराम को बढ़ाने की बात कही गई है और खबर है कि हिज़बुल्लाह ने अपने ऑपरेशन्स बंद कर दिए हैं। फ्रांस और ब्रिटेन ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंधों में ढील तभी मिलेगी जब ईरान अपनी शर्तों का पालन करेगा।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन ने अपने वादे पूरे नहीं किए, तो तेहरान कड़ा जवाब दे सकता है। इस खबर के आते ही दुनिया भर में कच्चे तेल (Oil) की कीमतों में गिरावट देखी गई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.