ईरान के बुशहर प्रांत के बंदर कंगन में तेज धमाके की आवाज सुनी गई है जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। 10 जून 2026 को सऊदी न्यूज द्वारा सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी दी गई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के अंदर हवाई सुरक्षा प्रणालियों और रडार सिस्टम को निशाना बनाकर रक्षात्मक हमले करने की पुष्टि की है। इसके साथ ही खाड़ी और कैस्पियन सागर में अमेरिकी और ईरानी सेना के बीच सीधी झड़पें होने की खबरें आ रही हैं।
ईरान के किन इलाकों में हुए धमाके और क्या है पूरा मामला?
ईरान की मीडिया और मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ईरान के बुशहर प्रांत के बंदर कंगन इलाके में एक बहुत तेज धमाका सुना गया। इसके अलावा हॉर्मोज़गान प्रांत के बंदर अब्बास, सिरीक और कशम द्वीप समूह के पास भी हवाई अड्डे और सैन्य ठिकाने के पास धमाके दर्ज किए गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ये हमले उनके द्वारा आत्मरक्षा में किए गए थे ताकि ईरान की वायु रक्षा बैटरियों और रडार प्रणालियों को नष्ट किया जा सके।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या प्रतिक्रियाएं आई हैं?
इस हमले के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बंदर अब्बास हवाई अड्डे के पास हुए हमले के बाद एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, ईरानी अधिकारी इरावानी ने कहा है कि ताकत के बल पर कोई समझौता नहीं हो सकता और ईरान दबाव या धमकी में बातचीत नहीं करेगा। इससे पहले भी 29 मई 2026 को बुशहर प्रांत में धमाकों की आवाजें सुनी गई थीं, जिन्हें ईरान के हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा दुश्मन के ड्रोन को मार गिराने की कार्रवाई बताया गया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बंदर कंगन में धमाका कब और क्यों हुआ?
बंदर कंगन में धमाके की घटना 10 जून 2026 को हुई। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने ईरान के दक्षिणी हिस्से में रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाकर ये हमले किए थे।
इस सैन्य कार्रवाई पर ईरान का क्या रुख है?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी ठिकाने पर जवाबी कार्रवाई की बात कही है। साथ ही ईरानी अधिकारी ने साफ किया है कि वे किसी भी तरह की धमकी या दबाव में समझौता नहीं करेंगे।
