ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब काफी बढ़ गया है। ईरान की सेना ने अपने सभी इलाकों में दुश्मनों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। यह फैसला देश की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए लिया गया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 11 जुलाई 2026 को बताया कि सेना के जवान तटीय इलाकों, द्वीपों और सरहदों पर पूरी तरह मुस्तैद हैं। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने भी इस खबर की पुष्टि की है और कहा कि देश को अपनी सेना पर गर्व है।

अमेरिका के साथ बढ़ता तनाव

यह पूरा मामला तब गरमाया जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को तबाह करने की धमकी दी। उन्होंने कहा था कि 1,000 मिसाइलें ईरान पर दागने के लिए तैयार हैं। इसी बीच तेहरान में कुछ धमाकों की खबर आई, जिसे ईरानी सरकार ने नियंत्रित विस्फोट बताया।

ओमान में चल रही है बातचीत

एक तरफ सेना अलर्ट पर है, तो दूसरी तरफ ओमान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत भी चल रही है। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियारों की सीमा तय करे और परमाणु सामग्री सौंप दे। साथ ही, अमेरिका चाहता है कि ईरान Hormuz जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखने और व्यापारिक जहाजों पर हमला न करने का वादा करे।

ईरान ने निजी तौर पर माना है कि अतीत में जहाजों पर हुए हमले एक आंतरिक गुट की गलती थी। वहीं ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने आपसी समझौते (MoU) का उल्लंघन किया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.