ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य टकराव बहुत गंभीर हो गया है। 15 जुलाई की सुबह ईरान की सेना ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने Bampour, Sistan and Baluchestan प्रांत में स्थित एक सैन्य गैरीसन पर 13 मिसाइलें दागीं। इस हमले में ईरान की 388th Mechanized Infantry Brigade के कम से कम 7 जवानों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए हैं। ईरानी सेना ने इसे कायरतापूर्ण हमला बताते हुए कड़ा जवाब देने की बात कही है।

अमेरिका का क्या कहना है

दूसरी तरफ U.S. Central Command (CENTCOM) ने 14 जुलाई की रात को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले की पुष्टि की है। अमेरिका के मुताबिक, उन्होंने Strait of Hormuz के पास ईरान के मिसाइल और ड्रोन साइट्स को निशाना बनाया है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान से आने वाले और जाने वाले जहाजों के लिए 15 जुलाई से नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) फिर से शुरू करने का भी ऐलान किया है।

क्षेत्र पर असर और जान-माल का नुकसान

ईरानी सरकार की प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी हमलों में 30 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और हालिया हमलों में 260 से अधिक लोग घायल हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता Hossein Kermanpour ने भी इन आंकड़ों की पुष्टि की है। इस तनाव के कारण ईरान के Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने मध्य पूर्व से ऊर्जा निर्यात रोकने की धमकी दी है। साथ ही, ईरान ने दावा किया कि उन्होंने Bahrain, Kuwait और Jordan में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया है। यह स्थिति पूरे इलाके के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.