ईरान और अमेरिका के बीच एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर विवाद और गहरा गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें झूठ करार दिया है। यह पूरा मामला मिनाब के एक प्राइमरी स्कूल से जुड़ा है जहाँ हुए हमले में कई मासूम बच्चों और शिक्षकों की जान गई थी।

मिनाब के स्कूल हमले का पूरा मामला क्या है?

28 फरवरी 2026 को ईरान के होरमुज़गन प्रांत के मिनाब में Shajareh Tayyebeh Elementary School पर मिसाइल हमला हुआ था। इस दर्दनाक घटना में करीब 175 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें ज़्यादातर स्कूली बच्चे और उनके टीचर थे। शुरुआती सैन्य जांच में यह बात सामने आई थी कि यह हमला अमेरिकी सेना की एक बड़ी गलती थी, क्योंकि पुरानी जानकारी की वजह से स्कूल की बिल्डिंग को सैन्य ठिकाना समझ लिया गया था।

ईरान और अमेरिका के दावों में क्या अंतर है?

  • ईरान का पक्ष: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने अमेरिका के दावों को “बेशर्म झूठ” और “मनगढ़ंत कहानी” बताया है। उन्होंने कहा कि स्कूल को मिसाइल लॉन्च फैसिलिटी बताना सिर्फ इस जघन्य अपराध को छुपाने की कोशिश है।
  • अमेरिका का पक्ष: CENTCOM के चीफ Adm. Brad Cooper ने एक सुनवाई के दौरान कहा कि अमेरिका जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाता है। उन्होंने तर्क दिया कि स्कूल एक IRGC क्रूज मिसाइल बेस के पास स्थित था, जिसकी वजह से यह मामला काफी जटिल हो गया है।

अमेरिकी सांसदों ने सरकार से क्या सवाल पूछे?

19 मई 2026 को अमेरिकी हाउस कमेटी की सुनवाई में Rep. Adam Smith और Rep. Sara Jacobs ने Adm. Cooper से कड़े सवाल किए। सांसदों ने मांग की कि इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की जाए और जांच को सार्वजनिक किया जाए। Rep. Jacobs ने New York Times की एक रिपोर्ट का जिक्र किया जिसमें कहा गया था कि शुरुआती जांच में यह हमला अमेरिका की गलती पाया गया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मिनाब स्कूल हमले में कितने लोग मारे गए थे?

28 फरवरी 2026 को हुए इस हमले में करीब 175 लोगों की जान गई थी, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और शिक्षक शामिल थे।

अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद क्या है?

विवाद इस बात पर है कि हमला एक स्कूल पर हुआ या किसी सैन्य ठिकाने पर। अमेरिका का दावा है कि स्कूल मिसाइल बेस के पास था, जबकि ईरान इसे पूरी तरह झूठ बता रहा है।