23 जुलाई 2026 को ईरान के शालमचेह बॉर्डर क्रॉसिंग के पास एक अमेरिकी मिसाइल आकर गिरी। यह इलाका इराक सीमा के काफी नजदीक है और वहां मौजूद पैसेंजर टर्मिनल के पास यह हमला हुआ। शुरुआती खबरों में ईरान की Mehr न्यूज एजेंसी ने दो लोगों की मौत होने का दावा किया था, लेकिन बाद में खुज़ेस्तान के सुरक्षा अधिकारियों ने साफ किया कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है।

ℹ: Strait of Hormuz में ईरान का बड़ा हमला, ऑयल टैंकर में लगी आग, अमेरिका ने दी भारी तबाही की चेतावनी

लगातार 12वीं रात जारी है सैन्य कार्रवाई

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने 22 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि यह ईरान पर उनकी लगातार 12वीं रात की कार्रवाई थी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री इलाकों में ईरान की उस ताकत को कम करना है जो नागरिक और कमर्शियल जहाजों के लिए खतरा पैदा करती है।

दोनों देशों के बीच बढ़ती तल्खी

दोनों तरफ से आ रही धमकियों के कारण हालात और भी गंभीर हो गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी जहाज पर हमले के जवाब में वे ईरान के एक पुल या बिजली संयंत्र को निशाना बनाएंगे। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि ईरान किसी भी हमले का करारा और निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार है।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी ऐलान किया कि अब उनकी मंजूरी के बिना कोई भी टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से नहीं गुजर पाएगा। वहीं, इस मामले पर अमेरिका की सीनेट में 23 जुलाई 2026 को राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों को सीमित करने के लिए एक War Powers Resolution पर वोटिंग होनी है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.