ईरान और अमेरिका के बीच एक अहम समझौता हुआ है जिसे दुनिया भर में शांति की नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। इटली के विदेश मंत्री Antonio Tajani ने इस समझौते की तारीफ की है और कहा है कि यह इलाके में स्थिरता लाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम है। इटली ने दोनों देशों के बीच बातचीत को आसान बनाने के लिए अपनी पूरी मदद देने का भरोसा दिया है।
स्विट्जरलैंड में होगा बड़ा कार्यक्रम
इस समझौते के तहत पिछले रविवार को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दस्तखत किए गए थे। अब शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के Bürgenstock में एक औपचारिक प्रोग्राम होगा, जहाँ दोनों देशों के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठकर इस पर साइन करेंगे। इसी दिन इटली भी तेहरान में अपना दूतावास फिर से खोलने जा रहा है, जिसे तनाव की वजह से कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था।
इटली और अन्य देशों का क्या कहना है
इटली के विदेश मंत्री Antonio Tajani ने इसे शांति की एक किरण बताया है। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को फिर से शुरू करना इटली की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है। वहीं चीन के टॉप डिप्लोमैट Wang Yi ने भी इस समझौते का समर्थन किया है और कहा है कि सभी पक्षों को अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाना चाहिए।
समझौते की मुख्य बातें
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि यह समझौता फारसी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में तैयार किया गया है ताकि बाद में अनुवाद को लेकर कोई विवाद न हो। इस समझौते की कुछ बड़ी बातें इस प्रकार हैं:
- सभी मोर्चों पर, जिसमें लेबनान भी शामिल है, युद्ध को तुरंत और हमेशा के लिए खत्म किया जाएगा।
- अमेरिका तुरंत ईरान की समुद्री नाकेबंदी हटाएगा और जहाजों को परेशान करना बंद करेगा।
- अंतिम समझौते के बाद 30 दिनों के भीतर अमेरिका अपनी सेना को ईरान के आसपास के इलाकों से हटा लेगा।
- ईरान ने साफ किया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
- अमेरिका और उसके साथी देश ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर का प्लान तैयार करेंगे।
- ईरान 30 दिनों के भीतर फारस की खाड़ी से ओमान की खाड़ी तक व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पहले की तरह शुरू कराएगा।
अमेरिका का कड़ा रुख
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि यह युद्धविराम अभी अंतिम नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं किया, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है। एक अमेरिकी अधिकारी ने यह भी बताया कि ईरान समझौते के बाद अपना तेल बेचना शुरू कर सकता है, लेकिन पूरी तरह से प्रतिबंध तब हटेंगे जब 60 दिनों की बातचीत के बाद अंतिम डील होगी।