ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना बढ़ गई है। सऊदी अरब के मीडिया संस्थान SaudiNews50 ने जानकारी दी है कि दोनों पक्ष युद्ध को रोकने और शांति बहाली के लिए बातचीत कर रहे हैं। इस बातचीत को सफल बनाने में पड़ोसी देश पाकिस्तान महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

समझौते के मसौदे में क्या शर्तें शामिल हैं?

दोनों देशों के बीच तैयार किया जा रहा यह समझौता ज्ञापन एक पन्ने का दस्तावेज़ है, जिसमें कुल 14 बिंदु शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य युद्ध को तुरंत समाप्त करना और विस्तृत बातचीत के लिए 30 दिनों का समय तय करना है। इस मसौदे की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • परमाणु हथियार पर रोक: ईरान भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करने का वादा करेगा।
  • यूरेनियम संवर्धन पर रोक: यूरेनियम संवर्धन को सीमित किया जाएगा, जिसके लिए 12 साल की अवधि पर चर्चा हो रही है।
  • प्रतिबंधों से राहत: अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाएगा और ईरान के फ्रीज किए गए अरबों डॉलर के फंड को जारी करेगा।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य: हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते परिवहन पर लगी पाबंदियों को दोनों देश आपसी सहमति से कम करेंगे।

अमेरिका और ईरान के नेताओं ने क्या कहा?

इस बातचीत को लेकर दोनों देशों की तरफ से अलग-अलग बयान सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इस समझौते के लिए ईरान के जवाब का इंतजार कर रहे हैं और इसी वजह से उन्होंने फिलहाल सैन्य कार्रवाई को टाल दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी बातचीत में थोड़ी प्रगति होने की बात स्वीकार की है।

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी गहरे हैं और समझौते की राह बहुत आसान नहीं है। हालांकि, ईरान के एक अन्य अधिकारी ने उम्मीद जताई है कि अगले 3 से 4 दिनों में कोई सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है।

पाकिस्तान और अन्य देशों की भूमिका

इस पूरे मामले में पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में काफी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने तेहरान का दौरा कर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की है। चीन ने भी पाकिस्तान के इन प्रयासों का समर्थन किया है। इसके अलावा, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने भी इस संबंध में ईरान के विदेश मंत्री से चर्चा की है। यदि यह कूटनीतिक प्रयास विफल रहता है, तो अमेरिका फिर से हवाई हमलों पर विचार कर सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल हो गई है?

दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरण में है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हमले रोककर ईरान को सोचने के लिए कुछ दिनों का समय दिया है, वहीं ईरानी विदेश मंत्रालय के बयानों में मतभेद देखने को मिल रहे हैं।

इस समझौते में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस बातचीत में मुख्य मध्यस्थ है। पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख ने इसके लिए ईरान का दौरा किया है और वहां के अधिकारियों से बातचीत की है, जिसे चीन का भी समर्थन प्राप्त है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com