हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े तनाव, ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी और तैनात किए एंटी-शिप मिसाइल

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर साफ दिखाई दे रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिका की ओर से लगाई गई नाकाबंदी के बाद हालात बिगड़ गए हैं और ईरान ने अपने सुरक्षा घेरे को मजबूत करने के लिए एडवांस्ड एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों की तैनाती पर विचार करना शुरू कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिका ने 14 जुलाई 2026 को ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी लागू की थी, जिसका कारण ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमले बताए गए हैं।
तनाव के बीच ईरान का सख्त रुख
ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaei ने 4 अगस्त 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान की सेना अब चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य में किसी ऐसे रास्ते का उपयोग करता है जिसे ईरान मान्यता नहीं देता, तो वहां मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाया जाएगा। उनके अनुसार, ईरान अपनी समुद्री सुरक्षा को लेकर पूरी तरह तैयार है। वहीं, अगले दिन ही Iranian Navy Commander ने घोषणा कर दी कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अमेरिका के लिए पूरी तरह बंद है और यह अब कभी नहीं खुलेगा।
इन सब दावों के विपरीत, 5 अगस्त 2026 को अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय यातायात के लिए खुला है और कोई भी देश इसे अपनी मर्जी से बंद नहीं कर सकता। अमेरिका ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने व्यापारिक जहाजों या क्षेत्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो उसे सैन्य ताकत का सामना करना पड़ेगा।
नाकाबंदी और सैन्य गतिविधियां
US Central Command (CENTCOM) की रिपोर्ट के अनुसार, 4 अगस्त 2026 तक अमेरिकी नौसेना ने नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे 45 कमर्शियल जहाजों को दूसरी दिशा में भेजा। इस दौरान दो जहाजों को निष्क्रिय किया गया और दो जहाजों की तलाशी ली गई। ईरानी राष्ट्रपति Masood Pezeshkian ने भी इस पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उनका देश अशांति नहीं चाहता, लेकिन अपनी सुरक्षा और अखंडता की रक्षा के लिए वे हर संभव कदम उठाएंगे।
पिछले पांच महीनों से जारी इस संघर्ष में अमेरिकी सेना ने अपने लंबे समय तक मार करने वाले मिसाइल स्टॉक का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर लिया है। 29 जुलाई 2026 को CENTCOM ने जानकारी दी कि उन्होंने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया। उसी दिन जॉर्डन की सेना ने भी ईरान की 5 मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया था।
इस पूरे मामले की अधिक जानकारी के लिए UniIndia के आधिकारिक स्रोत को देखा जा सकता है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी 4 अगस्त 2026 को बताया था कि उन्होंने ईरान पर एक बड़ा सैन्य हमला रद्द कर दिया है क्योंकि उन्हें लगता है कि किसी समझौते के संकेत मिले हैं, हालांकि ईरान की Mehr news agency ने इस दावे को पूरी तरह से नकार दिया है।