अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों की घेराबंदी कर दी है, जिसे ईरान ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। इस विवाद के कारण Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही पर खतरा मंडरा रहा है और मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ गया है।

🚨: ईरान ने Strait of Hormuz को किया बंद, अमेरिका के खिलाफ उठाया बड़ा कदम, जहाजों की आवाजाही पर लगी रोक

अमेरिका की घेराबंदी और ईरान का आरोप क्या है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि अमेरिका द्वारा की गई यह घेराबंदी पाकिस्तान की मदद से हुए युद्धविराम का उल्लंघन है। उन्होंने इसे गैरकानूनी और आपराधिक कृत्य बताया है। ईरान का दावा है कि यह UN चार्टर के नियमों के खिलाफ है और इसे मानवता के खिलाफ अपराध माना जाना चाहिए। साथ ही, ईरान ने यूरोपीय संघ पर भी पाखंड का आरोप लगाया है।

Strait of Hormuz और भारत पर क्या असर हुआ?

ईरान ने अब Strait of Hormuz पर अपना पूरा नियंत्रण कर लिया है। ईरान के संसदीय स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका घेराबंदी जारी रखता है, तो ईरान यहाँ से गुजरने वाले ट्रैफिक को रोक देगा। इस बीच, खबर आई कि Strait of Hormuz में भारतीय जहाजों पर फायरिंग हुई, जिसके बाद भारत सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब किया है।

डोनाल्ड ट्रंप का क्या कहना है और आगे क्या होगा?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कर दिया है कि नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने Strait of Hormuz में फायरिंग करके युद्धविराम तोड़ा है। ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और पुल जैसे बुनियादी ढांचे को नष्ट कर देगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सोमवार को अमेरिकी वार्ताकार फिर से बातचीत के लिए Islamabad जाएंगे।

इस पूरे विवाद की मुख्य घटनाओं की जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:

तारीख मुख्य घटना
8 अप्रैल 2026 पाकिस्तान की मदद से अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम हुआ
11-12 अप्रैल 2026 Islamabad Talks हुईं लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया
13 अप्रैल 2026 U.S. Central Command ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू की
14-15 अप्रैल 2026 ईरान ने UN में शिकायत की और इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया
18 अप्रैल 2026 ईरान ने Strait of Hormuz पर नियंत्रण किया, भारत ने राजदूत को बुलाया
19 अप्रैल 2026 ईरान ने घेराबंदी को आपराधिक बताया, ट्रंप ने इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट करने की धमकी दी
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.