अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी है, जिसे ईरान ने पूरी तरह गैरकानूनी और समुद्री डकैती बताया है। ईरान की डिफेंस मिनिस्ट्री ने दावा किया है कि उनकी सेना के पास पर्याप्त रणनीतिक रिजर्व है और वे किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार हैं।

अमेरिका की नाकेबंदी पर ईरान का क्या कहना है?

ईरान के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाजों पर अमेरिकी पाबंदियां गलत हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके अपने पोर्ट्स को खतरा हुआ, तो खाड़ी का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को कंट्रोल करने के लिए एक स्थायी सिस्टम लागू करेगा ताकि अपनी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

ईरान की सैन्य ताकत और हथियारों की तैयारी

ईरान ने अपनी रक्षा क्षमता को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं:

  • डिफेंस मिनिस्ट्री के अनुसार सेना के पास पर्याप्त रणनीतिक रिजर्व मौजूद है।
  • पिछले 20 सालों से मिसाइलों और ड्रोन के घरेलू उत्पादन पर काफी निवेश किया गया है।
  • Khatam al-Anbiya मुख्यालय ने कहा कि वे अपने कानूनी अधिकारों की रक्षा करना अपना कर्तव्य मानते हैं।
  • नियमों का पालन करने वाले जहाजों को रास्ता मिलेगा, लेकिन दुश्मन से जुड़े जहाजों को रोक दिया जाएगा।

खाड़ी देशों और समुद्री रास्तों पर क्या असर होगा?

ईरान के IRGC ने साफ कहा है कि फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी की सुरक्षा सबके लिए एक जैसी होनी चाहिए। अगर एक देश के पोर्ट्स असुरक्षित होंगे, तो बाकी सबके लिए भी खतरा बढ़ेगा। ईरान ने अपनी मिसाइल और ड्रोन क्षमता में सुधार किया है, जिससे वह अब अधिक सटीकता के साथ टारगेट को हिट कर सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com