ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मोहसिन रज़ई ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने ईरान की घेराबंदी की तो उनके युद्धपोतों को डुबो दिया जाएगा। दूसरी तरफ अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी है, जिससे क्षेत्र में स्थिति काफी गंभीर हो गई है।

ईरान ने अमेरिका को क्या चेतावनी दी है?

मोहसिन रज़ई ने साफ कहा कि ईरान की मिसाइलें अमेरिकी जहाजों पर लॉक हैं और वे उन्हें डुबोने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ईरान Strait of Hormuz से तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक उसके अधिकार पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते। रज़ई के मुताबिक ईरान लंबे समय तक चलने वाले युद्ध का अनुभव रखता है और उसके लिए तैयार है, जबकि अमेरिका लंबे युद्ध से डरता है। उन्होंने यह भी कहा कि वे वर्तमान में चल रहे युद्धविराम को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं।

अमेरिका ने नाकेबंदी को लेकर क्या दावा किया?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि उन्होंने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी है और समुद्री रास्तों पर अपना कब्जा जमा लिया है। एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि ऑपरेशन शुरू होने के 36 घंटों के भीतर ईरान आने और जाने वाले सभी समुद्री व्यापार को प्रभावी ढंग से रोक दिया गया। शुरुआती 48 घंटों में कोई भी जहाज अमेरिकी नौसेना को पार नहीं कर पाया और नौ जहाजों को वापस मुड़ने का निर्देश दिया गया।

मुख्य बिंदु जानकारी
तारीख 15 और 16 अप्रैल, 2026
ईरान का दावा अमेरिकी युद्धपोतों को डुबोने की तैयारी
अमेरिका का दावा बंदरगाहों की नाकेबंदी सफल
विवादित क्षेत्र Strait of Hormuz (स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज)
अमेरिकी कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर (CENTCOM)
ईरानी अधिकारी मोहसिन रज़ई
वर्तमान स्थिति तनाव बढ़ा, युद्धविराम खतरे में
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com