ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है. अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकाबंदी कर दी है, जिससे जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ा है. ईरान ने इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और अमेरिका के साथ होने वाली शांति बातचीत से साफ इनकार कर दिया है.

ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत क्यों ठुकराई?

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि तेहरान ने अमेरिका के साथ नए दौर की शांति वार्ता को खारिज कर दिया है. ईरान का कहना है कि अमेरिका बहुत ज़्यादा और गैर-वाजिब मांगें रख रहा है. साथ ही, अमेरिका की तरफ से बार-बार बयान बदले जा रहे हैं. ईरान के मुताबिक, जब तक समुद्री नाकाबंदी जारी रहेगी, तब तक बातचीत का कोई मतलब नहीं है.

नाकाबंदी और सैन्य टकराव की ताजा स्थिति क्या है?

पिछले कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव काफी बढ़ गया है. नीचे दी गई टेबल में पूरी जानकारी दी गई है:

तारीख क्या घटना हुई
13 अप्रैल 2026 अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों पर समुद्री नाकाबंदी शुरू की
16 अप्रैल 2026 अमेरिका ने नाकाबंदी को वैश्विक जलक्षेत्र तक बढ़ा दिया
19 अप्रैल 2026 ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसे युद्ध अपराध और अवैध कृत्य बताया
19 अप्रैल 2026 ईरान के उपराष्ट्रपति ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण रहेगा
20 अप्रैल 2026 अमेरिकी सेना ने अरब सागर में एक ईरानी मालवाहक जहाज को जब्त किया
20 अप्रैल 2026 ईरान की सैन्य कमान ने अमेरिकी सेना पर वाणिज्यिक जहाज पर हमला करने का आरोप लगाया

ईरान की सैन्य कमान Khatam al-Anbiya ने इस हमले को समुद्री डकैती कहा है और जल्द ही इसका जवाब देने की चेतावनी दी है.

क्या यह नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है?

कानून के जानकारों का कहना है कि किसी देश की समुद्री नाकाबंदी को युद्ध की कार्रवाई माना जाता है. नियम के मुताबिक, ऐसी कार्रवाई के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी ज़रूरी होती है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने इसे यूएन चार्टर का उल्लंघन बताया है. उनका कहना है कि यह आम जनता को दी जाने वाली सामूहिक सजा है और पूरी तरह से गैरकानूनी है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com