ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर मिसाइलों, ड्रोन और छोटी नावों से हमला किया। अमेरिकी कमांड ने इस हमले की पुष्टि की है, लेकिन उनका कहना है कि उनके किसी भी जहाज को नुकसान नहीं पहुँचा है।

ईरान ने अमेरिका पर हमला क्यों किया और क्या हुआ?

यह पूरा विवाद 6 मई 2026 को शुरू हुआ जब अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में ईरान के तेल टैंकर M/T Hasna को रोक दिया था। ईरान ने इसी घटना को हमले की वजह बताया। इसके बाद 7 मई को ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों USS Truxtun, USS Rafael Peralta और USS Mason को निशाना बनाया। ईरान का दावा है कि उनके हमलों से अमेरिकी जहाजों को काफी नुकसान हुआ और वे वहां से भाग गए, लेकिन US CENTCOM ने इस बात से साफ इनकार किया है।

अमेरिका ने ईरान को क्या जवाब दिया और क्या है Project Freedom?

अमेरिकी सेना ने ईरान के इस हमले का जवाब देते हुए उनके मिलिट्री ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका ने मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने वाली जगहों और कमांड सेंटर को निशाना बनाया। साथ ही अमेरिका ने Bandar Abbas और Qeshm बंदरगाहों पर भी स्ट्राइक की। अमेरिका ने 4 मई से Project Freedom शुरू किया है ताकि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे और नाकेबंदी बनी रहे। इस मिशन में 15,000 सैनिक और 100 से ज्यादा विमान तैनात हैं।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध छिड़ेगा?

इस तनाव के बीच राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच ceasefire यानी युद्धविराम अभी भी लागू है। उन्होंने यह भी कहा कि हमलावरों को काफी नुकसान पहुँचाया गया है। वहीं US CENTCOM ने साफ किया कि वे मामला बढ़ाना नहीं चाहते, लेकिन अपनी सेना की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पाकिस्तान के अधिकारियों ने भी संकेत दिए थे कि दोनों देश एक समझौते के करीब थे, लेकिन इन हमलों ने स्थिति को फिर से तनावपूर्ण बना दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

किन अमेरिकी जहाजों पर हमला हुआ?

ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे अमेरिकी युद्धपोतों USS Truxtun, USS Rafael Peralta और USS Mason को निशाना बनाया था।

क्या हमले में अमेरिकी जहाजों को नुकसान पहुँचा?

ईरान का दावा है कि जहाजों को नुकसान हुआ, लेकिन US CENTCOM ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि कोई भी अमेरिकी संपत्ति हिट नहीं हुई।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.