अमेरिका और ईरान के बीच समुद्र में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिकी नौसेना ने ईरान के एक मालवाहक जहाज ‘Toska’ को पकड़ लिया, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए दो बड़े कंटेनर जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है। अब समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की खबर के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना को सख्त निर्देश दिए हैं।

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क्या है पूरा मामला और कैसे शुरू हुई यह लड़ाई?

यह पूरा विवाद 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ जब अमेरिकी नौसेना के जहाज USS Spruance ने ओमान की खाड़ी में ईरान के मालवाहक जहाज ‘Toska’ को जबरन रोक लिया। अमेरिका का कहना है कि यह जहाज प्रतिबंधों की वजह से पकड़ा गया है। ईरान ने इस कार्रवाई को ‘सशस्त्र समुद्री डकैती’ बताया और अपने जहाज और चालक दल को तुरंत छोड़ने की मांग की। ईरान ने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र (UN) को पत्र लिखकर अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का आरोप भी लगाया है।

ईरान की जवाबी कार्रवाई और जहाजों की जब्ती

अमेरिका की कार्रवाई का जवाब देने के लिए ईरान की IRGC ने 23 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो कंटेनर जहाजों को जब्त कर लिया। इनमें से एक जहाज दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनी MSC का था। ईरान का कहना है कि यह कदम अपने देश के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया गया है। हालांकि, व्हाइट हाउस ने ईरान की इस हरकत को लुटेरों जैसी हरकत बताया है। इस बीच, दोनों देशों के बीच लगी युद्धविराम की अवधि को रविवार तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा आदेश और बढ़ता खतरा

24 अप्रैल को अमेरिकी सेना ने जानकारी दी कि ईरान की नौसेना समुद्र में बारूदी सुरंगें (naval mines) बिछा रही है। इस खबर के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि सुरंगें बिछाने वाले किसी भी ईरानी जहाज को बिना किसी हिचकिचाहट के ‘मार गिराया’ जाए। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान पर समुद्री सुरक्षा बिगाड़ने का आरोप लगाया है। समुद्र में बढ़ते इस तनाव की वजह से ग्लोबल ऑयल मार्केट यानी दुनिया भर में तेल की कीमतों पर बुरा असर पड़ सकता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.