ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच बातचीत की नई हलचल शुरू हुई है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक ईरान इस समय अमेरिका के जवाब का इंतज़ार कर रहा है। अमेरिका ने पाकिस्तान के ज़रिए ईरान को एक 15 सूत्री प्रस्ताव भेजा था, जिस पर ईरान ने बिचौलियों के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि वे सीधे तौर पर बातचीत नहीं कर रहे हैं, लेकिन संदेशों का आदान-प्रदान जारी है।

अमेरिका के 15 सूत्री प्रस्ताव में क्या माँगा गया है?

अमेरिका ने जो प्रस्ताव ईरान को भेजा है, उसमें कई कड़े नियम शामिल किए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का दावा है कि ईरान समझौता करने के लिए बेताब है। अमेरिका की मुख्य मांगों में ये शामिल हैं:

  • ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से बंद करे।
  • यूरेनियम संवर्धन के काम को पूरी तरह रोक दिया जाए।
  • मिसाइल बनाने की क्षमता को एक सीमा में रखा जाए।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाया जाए।
  • क्षेत्र के अन्य सशस्त्र समूहों को समर्थन देना बंद किया जाए।

ईरान ने जवाब में कौन सी शर्तें रखी हैं?

ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को पूरी तरह ठुकराया नहीं है, बल्कि उस पर विचार करते हुए अपनी कुछ शर्तें सामने रखी हैं। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, वे इन बातों पर गारंटी चाहते हैं:

विषय ईरान की मुख्य मांग
सुरक्षा हमलों और हत्याओं के सिलसिले को तुरंत रोका जाए
मुआवज़ा युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की जाए
गारंटी भविष्य में दोबारा युद्ध न होने का पक्का आश्वासन मिले
संप्रभुता Strait of Hormuz पर ईरान के अधिकार को मान्यता दी जाए

पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने पुष्टि की है कि उनका देश दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुँचाने का काम कर रहा है। तुर्की और मिस्र भी इस मामले में मध्यस्थता की कोशिशों में शामिल हैं। दूसरी ओर, इजरायल इस संभावित समझौते को लेकर थोड़ा आशंकित है और उसने क्षेत्र में अपनी सैन्य कार्रवाइयां जारी रखी हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.