ईरान ने तनाव को कम करने के प्रयासों के बीच बातचीत के लिए अपनी तैयारी दिखाई है। 26 जुलाई 2026 को ईरान ने स्पष्ट किया कि वह जेनेवा, दोहा या इस्लामाबाद में फिर से शांति वार्ता शुरू करने के लिए तैयार है। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका ने लगातार दूसरी रात ईरान पर हवाई हमले रोक दिए हैं और ईरान की सेना के प्रवक्ता Mohammad Akraminia ने भी जवाबी कार्रवाई को रोकने की पुष्टि की है।
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शांति वार्ता के लिए नई योजना
कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों ने अमेरिका और ईरान के सामने शांति वार्ता शुरू करने का एक साझा प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में 9 जुलाई से पहले वाली स्थिति पर लौटने की बात कही गई है। इसमें ईरान से Strait of Hormuz को तुरंत खोलने और अमेरिका से ईरान पर लगे तेल प्रतिबंध हटाने और बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करने का सुझाव दिया गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने कहा कि तेहरान को मध्यस्थों से नए प्रस्ताव मिले हैं और उन पर विचार किया जा रहा है।
अमेरिका का क्या है कहना
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 26 जुलाई को कहा कि ईरान बातचीत को लेकर अब गंभीर नजर आ रहा है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी कोई डील करने के लिए ईरान पूरी तरह तैयार नहीं है। इस बीच ओमान के अधिकारियों ने भी Tehran का दौरा किया और Strait of Hormuz को दोबारा खोलने पर चर्चा की। चीन भी शांति बहाली के लिए पाकिस्तान के प्रयासों का समर्थन कर रहा है ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।
