ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी (Abbas Araghchi) ने 25 मार्च 2026 को स्पष्ट किया है कि तेहरान और अमेरिका के बीच वर्तमान में कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि वाशिंगटन अलग-अलग मध्यस्थों के जरिए ईरान को संदेश भेज रहा है, लेकिन इसे औपचारिक बातचीत का नाम नहीं दिया जा सकता। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और कई मुद्दों पर सहमति बन गई है, जिसे ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।

क्या ईरान और अमेरिका के बीच कोई समझौता होने वाला है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ई ने पुष्टि की है कि ईरान को पाकिस्तान सहित कई देशों से बातचीत के संदेश मिले हैं और ईरान ने उनका जवाब भी दिया है। हालांकि, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ और सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका केवल खुद से ही बातचीत कर रहा है। मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने भी माना है कि अमेरिका का एक प्रस्ताव ईरान तक पहुंचाया गया है और मिस्र तनाव कम करने के लिए बातचीत की कोशिशों का समर्थन करता है। ईरान का कहना है कि वे किसी आधे-अधूरे समझौते के पक्ष में नहीं हैं।

अमेरिका का प्रस्ताव और ईरान की शर्तें क्या हैं?

अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को एक 15 सूत्री प्रस्ताव भेजा है, जिसमें पाबंदियों में ढील और परमाणु कार्यक्रम को कम करने जैसी शर्तें शामिल हैं। ईरान ने फिलहाल इस प्रस्ताव को ठुकराते हुए अपनी कुछ शर्तें रखी हैं, जिन्हें नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है:

मुख्य विषय अमेरिका का रुख ईरान की मांग
युद्ध का अंत अस्थायी युद्ध विराम का प्रस्ताव सभी मोर्चों पर युद्ध का स्थायी खात्मा
बातचीत का तरीका सीधी बातचीत के दावे मध्यस्थों के जरिए केवल संदेशों का आदान-प्रदान
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य इसे खोलने की शर्त ईरान की संप्रभुता की मान्यता और गारंटी
गारंटी प्रस्तावों पर चर्चा भविष्य में हमले न होने की पुख्ता गारंटी

ईरान के विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा है कि वे केवल युद्ध विराम नहीं चाहते, बल्कि क्षेत्र में शांति के लिए युद्ध का अंत चाहते हैं। पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं और ऐसी खबरें हैं कि शुक्रवार तक पाकिस्तान में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच मुलाकात हो सकती है। फिलहाल ईरान का कहना है कि वे अपनी शर्तों पर ही किसी भी समझौते के लिए आगे बढ़ेंगे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.