ईरान और अमेरिका के बीच जारी राजनयिक वार्ताओं को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई (Esmaeil Baqaei) ने सोमवार, 25 मई 2026 को स्पष्ट किया कि वर्तमान में जारी बातचीत का पूरा ध्यान केवल और केवल युद्ध को समाप्त करने पर केंद्रित है। इस चरण में परमाणु मुद्दे से जुड़ी बारीकियों पर कोई चर्चा नहीं की जा रही है। इस वार्ता में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि ओमान और कतर भी इस प्रक्रिया में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

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ईरान परमाणु मुद्दे पर चर्चा करने से क्यों बच रहा है?

ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने साफ किया है कि ईरान फिलहाल परमाणु मुद्दे पर गहराई से चर्चा नहीं करना चाहता। तेहरान का मानना है कि अतीत में दो बार इस मुद्दे को ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बहाने के रूप में इस्तेमाल किया गया था। उनका पूरा ध्यान अभी लेबनान सहित सभी मोर्चों पर चल रहे युद्ध को रोकने पर है। उन्होंने संकेत दिया कि परमाणु वार्ता आने वाले 30 से 60 दिनों में शुरू हो सकती है। बगाई ने अमेरिका की मांगों को अत्यधिक और अनुचित बताया और कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अमेरिका किसी भी नए समझौते का पूरी तरह पालन करेगा।

वार्ता में क्या हैं ईरान की प्रमुख मांगें?

ईरान और अमेरिका इस समय एक समझौता ज्ञापन (MoU) के मसौदे को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे हैं। इस मसौदे में ईरान की मांगों को 14 अलग-अलग लेखों (articles) के रूप में शामिल किया गया है। ईरान की मुख्य प्राथमिकताओं में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • प्रतिबंधों को हटाना: ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की मांग।
  • जब्त संपत्तियों की वापसी: विदेशों में जमी हुई ईरानी वित्तीय संपत्तियों को तुरंत जारी करना।
  • नौसैनिक नाकेबंदी का अंत: अमेरिका द्वारा की जा रही समुद्री नाकेबंदी को समाप्त करना और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के मामले को हल करना।

अमेरिकी सरकार और अन्य देशों का क्या रुख है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने इस संबंध में बताया कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी जल्दबाजी में नहीं हैं और वह किसी भी खराब समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और परमाणु वार्ता को एक सीमित समय सीमा में शुरू करने का एक ठोस प्रस्ताव मेज पर रखा गया है। वार्ता को सफल बनाने के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों का एक दल हाल ही में तेहरान गया था, जबकि ओमान और कतर के तकनीकी दल भी ईरानी अधिकारियों के साथ सीधे संपर्क में हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस बातचीत में मध्यस्थ कौन है?

इस बातचीत में पाकिस्तान आधिकारिक मध्यस्थ के रूप में कार्य कर रहा है। पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारी वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए तेहरान का दौरा कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त ओमान और कतर भी तकनीकी स्तर पर सहयोग कर रहे हैं।

क्या ईरान ने परमाणु वार्ता पूरी तरह से बंद कर दी है?

नहीं, परमाणु वार्ता पूरी तरह बंद नहीं हुई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस विषय को अभी के लिए स्थगित रखा गया है और अगले 30 से 60 दिनों के भीतर इस पर नए सिरे से चर्चा शुरू की जा सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.