ईरान के अंदर अमेरिका के साथ होने वाली शांति डील को लेकर भारी हंगामा हो रहा है। मशहद में विदेश मंत्रालय के दफ्तर के बाहर लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार पर दबाव बनाया। प्रदर्शनकारियों ने विदेश मंत्री Abbas Araghchi के इस्तीफे की मांग की और बातचीत करने वाली टीम पर अमेरिका को बहुत ज्यादा छूट देने का आरोप लगाया।

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राष्ट्रपति ने दी एकता की सलाह

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian इस अंदरूनी झगड़े को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बातचीत के समय देश में फूट डालना गलत है। राष्ट्रपति ने साफ कहा कि बातचीत के दौरान देश के सम्मान और गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनका मानना है कि बातचीत गरिमा के साथ होनी चाहिए क्योंकि हमेशा युद्ध करना कोई समाधान नहीं है।

कट्टरपंथी नेताओं का विरोध

ईरान के कट्टरपंथी नेता इस बातचीत का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। सुरक्षा परिषद के डिप्टी सेक्रेटरी Ali Bagheri Kani ने एक चिट्ठी में आरोप लगाया कि संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf के नेतृत्व वाली टीम अमेरिका के सामने बहुत ज्यादा झुक रही है। इससे पहले भी कई बार सुधारवादी नेताओं को बातचीत की कोशिश करने पर देशद्रोही और गद्दार कहा गया है।

सरकारी अधिकारियों का पक्ष

विवादों के बीच विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस समझौते का बचाव किया है। उन्होंने बताया कि इस डील के बाद ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हट जाएगी। वहीं, संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि ईरान अपने जायज अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा और वह अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा नहीं करता है।

  • Masoud Pezeshkian: राष्ट्रपति, जो एकता और कूटनीति की बात कर रहे हैं।
  • Abbas Araghchi: विदेश मंत्री, जिन्हें प्रदर्शनकारियों ने गद्दार कहा।
  • Mohammad Bagher Ghalibaf: संसद स्पीकर और बातचीत करने वाली टीम के लीडर।
  • Ali Bagheri Kani: कट्टरपंथी नेता जिन्होंने टीम की आलोचना की।