ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत शुरू हो गई है. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते. दोनों देशों की टीमें शांति समझौते की तलाश में हैं, लेकिन कुछ अहम शर्तों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है.

ईरान को अमेरिका पर भरोसा क्यों नहीं है?

ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने जर्मनी के Johann Wadephul को फोन पर बताया कि ईरान अमेरिका के साथ पूरी तरह अविश्वास के माहौल में बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बार-बार वादे तोड़े हैं और कूटनीति के साथ विश्वासघात किया है. ईरान का कहना है कि वह अपने लोगों के अधिकारों और हितों को सुरक्षित करने के लिए पूरी ताकत से लड़ेगा.

बातचीत शुरू करने के लिए ईरान की क्या शर्तें हैं?

ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने बातचीत के लिए कुछ बुनियादी शर्तें रखी हैं. उनका कहना है कि बिना इन शर्तों के बातचीत आगे बढ़ाना मुश्किल है. मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:

  • लेबनान में तुरंत युद्धविराम लागू होना चाहिए.
  • ईरान की जो संपत्ति ब्लॉक की गई है, उसे तुरंत वापस लौटाया जाए.
  • दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के ठोस कदम उठाए जाएं.

अमेरिका और पाकिस्तान का इस पर क्या स्टैंड है?

अमेरिकी उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने ईरान को चेतावनी दी है कि वे इस बातचीत को गंभीरता से लें और अमेरिका को धोखा देने की कोशिश न करें. उन्होंने यह भी साफ किया कि लेबनान का मुद्दा वर्तमान युद्धविराम के ढांचे में नहीं आता है. वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने दोनों देशों से सकारात्मक बातचीत की अपील की है और पाकिस्तान ने इस समाधान के लिए पूरी मदद का भरोसा दिया है.

देश मुख्य प्रतिनिधि/अधिकारी भूमिका
ईरान Abbas Araghchi, Mohammad Bagher Ghalibaf बातचीत दल
अमेरिका J.D. Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner बातचीत दल
पाकिस्तान Shehbaz Sharif, Asim Munir, Ishaq Dar मध्यस्थ (Mediator)
जर्मनी Johann Wadephul राजनयिक संपर्क
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com