पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत शुरू हो गई है। यह मीटिंग 8 अप्रैल को हुए युद्धविराम के बाद तय हुई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि उनकी टीम देश के हितों की पूरी रक्षा करेगी और निडर होकर बातचीत करेगी। इस मीटिंग से दुनिया की नज़रें जुड़ी हुई हैं कि क्या तनाव कम होगा।

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बातचीत में कौन-कौन शामिल है?

इस हाई-प्रोफाइल मीटिंग में दोनों देशों के बड़े अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।

देश/भूमिका प्रमुख सदस्य
ईरान मोहम्मद बागर गालीबाफ, अब्बास अरागची, मोहम्मद बागर ज़ोलकाद्र, अली अकबर अहमदियन, अब्दोलनासेर हेम्मती
अमेरिका वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर
पाकिस्तान (होस्ट) प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ, विदेश मंत्री इसहाक डार

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

  • इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच पूरी तरह युद्धविराम होना चाहिए।
  • अमेरिका ईरान की जमा की गई संपत्ति (Frozen Assets) को वापस करे।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान के अधिकार को स्वीकार किया जाए।

मीटिंग का माहौल और बयान

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका पर भरोसा नहीं जताया और कहा कि पुराने वादे तोड़ने की वजह से उनके मन में गहरा संदेह है। वहीं अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने ईरान को चेतावनी दी कि वह अमेरिका को धोखा देने की कोशिश न करे। एक तरफ ईरान का दावा है कि अमेरिका ने संपत्ति छोड़ने पर सहमति दे दी है, लेकिन व्हाइट हाउस ने इस बात से इनकार किया है।