ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत को लेकर एक बड़ी खबर आई है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan से फोन पर बात की। इस बातचीत के दौरान उन्होंने अमेरिका के साथ चल रही चर्चाओं के ताजा हालात के बारे में सऊदी अरब को विस्तार से बताया।
यह फोन कॉल 24 जून 2026 को हुई। दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच यह बातचीत 17 जून 2026 को साइन हुए “Islamabad Memorandum” (MOU) के बाद शुरू हुई है। इस समझौते के तहत 60 दिनों की बातचीत का समय तय किया गया था। इसी सिलसिले में 21 और 22 जून को Switzerland के Bürgenstock में तकनीकी बातचीत भी हुई थी।
समझौते की मुख्य बातें
- दोनों देशों के बीच 60 दिनों के लिए युद्धविराम (ceasefire) पर सहमति बनी है।
- Strait of Hormuz को फिर से खोलने की बात हुई है।
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे प्रतिबंधों को हटाने पर चर्चा की जाएगी।
- परमाणु मुद्दों, प्रतिबंध खत्म करने और आर्थिक विकास के लिए अलग-अलग वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं।
- Lebanon में युद्धविराम की निगरानी के लिए एक “deconfliction cell” बनाने पर भी सहमति बनी है।
खबर है कि US Treasury अब ईरान के तेल, पेट्रोकेमिकल्स और उससे जुड़े उत्पादों पर लगे प्रतिबंधों को 60 दिनों के लिए हटाने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, परमाणु निरीक्षण (inspections) के समय को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद हैं। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने साफ किया कि निरीक्षण तभी होंगे जब सभी प्रतिबंध पूरी तरह खत्म हो जाएंगे और एक व्यापक समझौता हो जाएगा। साथ ही, ईरान ने यह भी कह दिया है कि उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर कोई बात नहीं होगी।
दूसरी तरफ, सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी परमाणु समझौते में जांच और वेरिफिकेशन का तरीका बहुत मजबूत होना चाहिए। दोनों मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए डिप्लोमैटिक बातचीत जारी रखना बहुत जरूरी है।
