अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर अब बातचीत की खबरें आ रही हैं। ईरान ने एक नया प्रस्ताव भेजा है जिसमें समुद्र का रास्ता खोलने की बात कही गई है। दूसरी तरफ अमेरिका अपनी पुरानी शर्तों पर अड़ा हुआ है। इस खींचतान का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर पड़ रहा है।
ईरान का नया प्रस्ताव क्या है और अमेरिका ने क्या कहा?
ईरान ने अमेरिका के सामने एक प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- ईरान Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) को फिर से खोलने के लिए तैयार है।
- बदले में अमेरिका को ईरान पर लगी नाकेबंदी खत्म करनी होगी और युद्ध रोकना होगा।
- ईरान ने सुझाव दिया है कि परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा बाद में की जाए।
इस पर अमेरिका की प्रतिक्रिया सख्त रही। व्हाइट हाउस की असिस्टेंट प्रेस सचिव Olivia Wales ने कहा कि अमेरिका प्रेस के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा। राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ किया है कि वह ऐसा समझौता करेंगे जिसमें अमेरिकी लोगों का हित हो और ईरान के पास परमाणु हथियार न हों।
दुनिया के व्यापार और तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?
Strait of Hormuz फिलहाल बंद है और अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों पर पाबंदी लगा रखी है। इस वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतों में भारी बदलाव आया है और सामान की सप्लाई चेन बिगड़ गई है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव Antonio Guterres ने सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन से एक इमरजेंसी फ्रेमवर्क बनाने की मांग की ताकि वैश्विक व्यापार को बचाया जा सके।
इस विवाद में किन देशों की भूमिका है?
इस युद्ध और बातचीत के बीच कई देश शामिल हैं:
- पाकिस्तान: यह देश अमेरिका और ईरान के बीच संदेश भेजने का जरिया बना हुआ है।
- रूस: ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सेंट पीटर्सबर्ग में राष्ट्रपति Vladimir Putin से मुलाकात की।
- इजराइल: अमेरिका के साथ मिलकर इजराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमले शुरू किए थे।
- हिजबुल्ला: इसके नेता Naim Qassem ने इजराइल और लेबनान के बीच किसी भी सीधी बातचीत को गलत बताया है।