Iran और USA के बीच बातचीत में मामूली प्रगति, लेकिन समझौते से अब भी हैं दूर, Strait of Hormuz बंद रखने की धमकी.

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में थोड़ी बहुत प्रगति तो हुई है, लेकिन दोनों देश अभी भी किसी फाइनल समझौते से बहुत दूर हैं। ईरान के संसद स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागर गालिबफ ने साफ किया है कि कई बुनियादी मुद्दों पर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है। दुनिया की नज़रें अब 22 अप्रैल को खत्म होने वाले सीज़फायर पर टिकी हैं, क्योंकि तनाव कम होने के आसार अभी कम दिख रहे हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की मौजूदा स्थिति क्या है?

ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबफ ने एक टीवी संबोधन में बताया कि बातचीत आगे तो बढ़ी है, लेकिन अभी भी बहुत से गैप्स बाकी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अभी अंतिम चर्चा से काफी दूर हैं। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने माना कि बातचीत बहुत अच्छी चल रही है, लेकिन उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि वे ब्लैकमेलिंग की कोशिश न करें। अमेरिका ने साफ कर दिया है कि जब तक पूरा समझौता नहीं हो जाता, तब तक बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रहेगी।

विवाद के मुख्य कारण और ईरान की शर्तें क्या हैं?

ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों से अपनी नौसेना नहीं हटाता, तब तक Strait of Hormuz बंद रहेगा। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतिबजादेह ने बताया कि जब तक एक फ्रेमवर्क पर सहमति नहीं बनती, तब तक अगली बैठक की कोई तारीख तय नहीं होगी। ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि वह अपने यूरेनियम के भंडार को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा। IRGC से जुड़ी मीडिया ने तो यहाँ तक कह दिया कि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा हैं, इसलिए ईरान ने बातचीत के अगले दौर में शामिल होने से मना कर दिया है।

व्यक्ति/संस्था मुख्य बयान/भूमिका स्थिति/मांग
मोहम्मद बागर गालिबफ ईरान के संसद स्पीकर बातचीत में प्रगति हुई पर गैप्स अभी भी बहुत हैं
डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति बातचीत अच्छी है पर ब्लैकमेलिंग बर्दाश्त नहीं होगी
सईद खतिबजादेह ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री यूरेनियम भंडार नहीं छोड़ेंगे, फ्रेमवर्क जरूरी है
IRGC मीडिया ईरानी सैन्य बल अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा, बातचीत से इनकार
पाकिस्तान मध्यस्थ (Mediator) इस्लामाबाद में पहले की बातचीत की मेजबानी की
सीज़फायर अस्थायी युद्धविराम 22 अप्रैल 2026 को समाप्त होगा