Iran New Update: ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, कहा Strait of Hormuz पर हमारा कब्ज़ा, बातचीत में नहीं करेंगे पीछे हटने की बात

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान के बड़े अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे अपने देश के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी दबाव में नहीं आएंगे. बातचीत की कोशिशें जारी हैं लेकिन ईरान अपनी शर्तों पर अडिग है.

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ईरान के negotiators और सरकार का क्या कहना है?

ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने कहा कि देश की बातचीत करने वाली टीम बहुत हिम्मत और समझदारी के साथ काम कर रही है. उन्होंने जनता से अपील की है कि वे इस टीम का समर्थन करें. इसके अलावा, मार्केट रेगुलेशन हेडक्वार्टर्स की एक मीटिंग में युद्ध के समय में जरूरी सामानों की सप्लाई और बाजार की निगरानी पर भी चर्चा की गई ताकि आम लोगों को दिक्कत न हो.

राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि पाकिस्तान में मौजूद ईरान का प्रतिनिधिमंडल देश के हितों की रक्षा कर रहा है. ईरान के दूतावास ने भी कहा कि बातचीत का नतीजा जो भी हो, सरकार अपनी जनता के साथ खड़ी है और देश के अधिकारों की रक्षा करेगी.

Strait of Hormuz और अमेरिका के साथ विवाद का क्या मामला है?

संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने एक इंटरव्यू में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz पर पूरी तरह से ईरान का कंट्रोल है. उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी कि अगर उसने रास्ता रोकने यानी ‘ब्लॉकेड’ करने की कोशिश की, तो इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर पाबंदी लगाई जा सकती है.

Ghalibaf ने इस्लामाबाद में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि वहां अमेरिकी माइन-क्लियरिंग जहाज के साथ उनकी भिड़ंत हुई थी. उन्होंने अमेरिकी टीम को साफ चेतावनी दी थी कि अगर उनका जहाज आगे बढ़ा तो ईरान फायरिंग कर देगा, जिसके बाद अमेरिकी जहाज को पीछे हटना पड़ा.

खास तारीख और घटना विवरण
11 अप्रैल 2026 पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच 21 घंटे चली बातचीत, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ.
19 अप्रैल 2026 उपराष्ट्रपति Aref और स्पीकर Ghalibaf ने देश के हितों और Strait of Hormuz पर कड़ा बयान दिया.
मुख्य मुद्दा अमेरिकी-इजरायली हमले को रोकना और समुद्री रास्तों पर कंट्रोल.