7 जून 2026 को ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में बड़ा गतिरोध सामने आया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका के बार-बार बदलते और विरोधाभासी बयानों के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है। दूसरी तरफ, खाड़ी क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सैन्य झड़पें तेज हो गई हैं, जिससे कुवैत और बहरीन जैसे देश भी इस तनाव की चपेट में आ रहे हैं। इस समय पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस समाधान निकलता नहीं दिख रहा है।

👉: ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से भड़का कुवैत, ICAO को भेजी दूसरी आधिकारिक शिकायत, बंद करना पड़ा था एयरस्पेस.

ईरान ने बातचीत रुकने का किसे ठहराया जिम्मेदार?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने रविवार को बताया कि अमेरिका लगातार अपने बयानों और फैसलों को बदल रहा है, जो बातचीत में सबसे बड़ी बाधा है। पाकिस्तान के माध्यम से दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान किया जा रहा है। ईरान ने अमेरिका पर अप्रैल से लागू संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उनके व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है और ईरानी सेना किसी भी हमले का पूरी ताकत से जवाब देने के लिए तैयार है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और सेना का क्या है रुख?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के आत्मसम्मान के कारण समझौते में समय लग रहा है। ट्रंप ने साफ किया कि जब तक ईरान अपना बर्ताव नहीं बदलता और परमाणु बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए अमेरिकी उपकरणों के इस्तेमाल पर सहमत नहीं होता, तब तक उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी नहीं किया जाएगा। अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उन्होंने पिछले दो दिनों में कुवैत और बहरीन की तरफ दागी गई सात ईरानी मिसाइलों और छह ड्रोनों को नष्ट किया है। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के तटीय रडार ठिकानों पर बमबारी भी की है।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या पड़ेगा इसका असर?

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग अब ईरान की फ्रीज संपत्तियों का इस्तेमाल उन खाड़ी देशों के पुनर्निर्माण के लिए करने पर विचार कर रहा है जो भविष्य में ईरानी हमलों का शिकार हो सकते हैं। इस बढ़ते तनाव का सीधा असर खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासियों की सुरक्षा और वहां के व्यापार पर पड़ सकता है। ईरान के सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने आर्थिक नाकेबंदी नहीं हटाई, तो जंग का दायरा और भी बढ़ सकता है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट की स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में कौन मध्यस्थता कर रहा है?

पाकिस्तान इस बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री Mohsin Naqvi फिलहाल तेहरान में दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करवा रहे हैं।

क्या अमेरिका ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को तुरंत जारी करेगा?

नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि संपत्तियों को तुरंत अनफ्रीज नहीं किया जाएगा। प्रतिबंधों में ढील तभी मिलेगी जब ईरान अपने व्यवहार में बदलाव लाएगा।