अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत अब एक अहम मोड़ पर पहुँच गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने समय की कमी की बात कहकर एक कड़ी चेतावनी दी थी। इसके जवाब में ईरान ने साफ़ कर दिया है कि वह बातचीत तो करेगा लेकिन अपने परमाणु अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

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अमेरिका और ईरान के बीच क्या बातचीत चल रही है?

ईरान ने सोमवार को यह कन्फर्म किया कि अमेरिका के साथ उनकी अप्रत्यक्ष बातचीत अभी भी जारी है। यह बातचीत सीधी नहीं है बल्कि Pakistan की मदद से की जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सप्ताहांत में चेतावनी दी थी कि समय बहुत कीमती है और अब समय तेज़ी से निकल रहा है।

परमाणु अधिकारों पर ईरान का क्या स्टैंड है?

ईरान ने अपनी स्थिति पूरी तरह साफ़ कर दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह अपने परमाणु अधिकारों (nuclear rights) के मामले में कोई भी समझौता नहीं करेंगे। ट्रंप की सख्त चेतावनी और दबाव के बावजूद ईरान अपने इस बुनियादी फैसले पर टिका हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बातचीत में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है। पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच मध्यस्थ (mediator) का काम कर रहा है ताकि उनके बीच बातचीत का रास्ता खुला रहे।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या चेतावनी दी थी?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अब समय बहुत कम बचा है और समय का सही इस्तेमाल करना ज़रूरी है। उन्होंने इसे ‘Clock is Ticking’ कह कर चेतावनी दी थी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com