ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei (इस्माइल बघाई) ने 25 मई 2026 को मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि दोनों देशों के बीच अधिकांश चर्चा वाले मुद्दों पर एक रूपरेखा (framework) तैयार कर ली गई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि समझौता तुरंत लागू होने जा रहा है। इस बातचीत को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान और ओमान अहम मध्यस्थ के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में किन मुद्दों पर बनी सहमति?

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में जारी संघर्ष को समाप्त करना है, जिसमें लेबनान में जारी जंग को रोकने का मुद्दा भी शामिल है। प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ किया कि इस चरण में परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई चर्चा नहीं की जा रही है। ईरान ने अपनी पुरानी कड़वी यादों का हवाला देते हुए कहा है कि अमेरिका अपने वादों को निभाएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस बातचीत में पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir (असीम मुनीर) और ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi (बदर अलबुसैदी) लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में हैं ताकि समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और तेल प्रतिबंधों पर क्या है योजना?

दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते में ईरान के तेल निर्यात पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को बातचीत के दौरान हटाने का प्रावधान शामिल है। इसके अलावा, मस्कट में ओमान और ईरान के अधिकारियों के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित जहाजरानी को लेकर चर्चा हुई है। यदि यह समझौता अंतिम रूप ले लेता है, तो अगले 30 दिनों के भीतर इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या को युद्ध से पहले के स्तर पर बहाल कर दिया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio (मार्को रुबियो) ने इस प्रस्ताव को ठोस बताया है, लेकिन राष्ट्रपति Donald Trump (डोनाल्ड ट्रंप) ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी कमजोर समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर कोई चर्चा हुई है?

नहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, वर्तमान बातचीत का पूरा ध्यान केवल जंग को समाप्त करने और शांति बहाल करने पर है। इस चरण में परमाणु मुद्दे को शामिल नहीं किया गया है।

इस समझौते में ओमान और पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान और ओमान इस बातचीत में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर और ओमान के अधिकारी लगातार ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों और शर्तों का आदान-प्रदान कर रहे हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को लेकर क्या योजना है?

प्रस्तावित समझौते के अनुसार, बातचीत के सफल होने पर अगले 30 दिनों के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या को युद्ध से पहले वाले सामान्य स्तर पर वापस लाया जाएगा।