ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने जानकारी दी है कि ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Baqer Qalibaf ने अमेरिका को सीधी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरानी शहरों या आम लोगों के रहने वाले इलाकों पर कोई भी हमला हुआ, तो इसका जवाब बेहिसाब और बेहद सख्त तरीके से दिया जाएगा। यह स्थिति खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी चिंता का विषय है क्योंकि क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका सीधा असर पड़ता है।

ईरान ने क्यों दी इतनी कड़ी चेतावनी?

ईरान की ओर से यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कथित दावे के बाद आया है जिसमें रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की बात कही गई थी। स्पीकर Qalibaf ने इसे एक आतंकवादी सरकार का कबूलनामा करार दिया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में अमेरिका यह बहाना नहीं बना पाएगा कि हमला गलती से हुआ या वह एक सैन्य टारगेट था। ईरान के मुताबिक आम नागरिकों की जान लेना एक ऐसी रेड लाइन है जिसे पार करने के गंभीर नतीजे होंगे।

ईरान की नई सैन्य नीति और संभावित असर

ईरान ने अपनी सैन्य भाषा में बदलाव करते हुए कहा है कि वे अब किसी भी नियम या संतुलन की परवाह किए बिना पलटवार करेंगे। खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले भारतीयों और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए ऐसी घोषणाएं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क करने वाली हैं।

  • ईरान ने चेतावनी दी है कि हमले के परिणाम अनियंत्रित होंगे।
  • संसद स्पीकर ने साफ कहा है कि जवाबी कार्रवाई बिना किसी झिझक के की जाएगी।
  • रिहायशी केंद्रों (Population Centers) को सुरक्षा के लिहाज से सबसे बड़ा मुद्दा बनाया गया है।
  • यह जानकारी IRNA की आधिकारिक रिपोर्ट संख्या 86098527 के आधार पर दी गई है।