अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में एक बड़ी कामयाबी मिली है। ईरान ने अब परमाणु हथियार न बनाने और न ही उन्हें विकसित करने पर अपनी सहमति दे दी है। इस समझौते के बाद क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद है और दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार हो सकता है।

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समझौते की बड़ी शर्तें

दोनों देशों के बीच एक ड्राफ्ट मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) पर बातचीत चल रही है। इस समझौते में कई ऐसी बातें शामिल हैं जिससे ईरान को बड़ी राहत मिलेगी और अमेरिका को अपनी सुरक्षा की गारंटी। इस डील की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विषय तय हुई बात
परमाणु हथियार ईरान न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही उन्हें हासिल करेगा
यूरेनियम स्टॉक ईरान अपने यूरेनियम स्टॉक को कम करेगा
फ्रीज एसेट्स अमेरिका ईरान के करीब 25 अरब डॉलर के फंसे हुए पैसे वापस करेगा
तेल प्रतिबंध ईरान को तेल बेचने और उससे कमाई करने के लिए अस्थायी राहत मिलेगी
होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापारिक जहाजों के लिए Strait of Hormuz को पूरी तरह खोल दिया जाएगा
नए प्रतिबंध अंतिम समझौते तक अमेरिका ईरान पर कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा

नेताओं ने क्या कहा

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि इस समझौते में काफी तरक्की हुई है और ईरान अब परमाणु हथियार नहीं चाहता। उन्होंने 14 जून 2026 को कहा कि इस डील पर आज ही हस्ताक्षर हो सकते हैं। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने 13 जून को जानकारी दी थी कि इलेक्ट्रॉनिक तरीके से साइन करने की तैयारी चल रही है। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, यह डील करीब 75 से 85 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी है।

ईरान का रुख और अन्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने थोड़ा संभलकर बात की है। उन्होंने कहा कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और कुछ बातों पर चर्चा जारी है, इसलिए साइन करने की तारीख अभी पक्की नहीं है।

ईरानी मीडिया के अनुसार, आने वाली बातचीत सिर्फ शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंध हटाने पर होगी। उन्होंने साफ कर दिया है कि वे अपने मिसाइल प्रोग्राम और प्रतिरोध समूहों (resistance groups) की मदद करने वाले मुद्दों पर कोई बात नहीं करेंगे। इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और उम्मीद है कि UN Security Council भी इस समझौते को अपनी मंजूरी देगा।