ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु बातचीत पर बड़ा अपडेट, प्रोग्रेस हुई लेकिन मतभेद अब भी बरकरार
ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत का दौर चल रहा है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया है कि दोनों देशों के बीच कुछ प्रगति तो हुई है, लेकिन मुख्य मुद्दों पर अब भी गहरे मतभेद बने हुए हैं। इस बीच 22 अप्रैल को युद्धविराम (ceasefire) खत्म होने वाला है, जिससे आने वाले दिनों में तनाव बढ़ सकता है।
अमेरिका की शर्तें क्या हैं और बातचीत कहाँ होगी?
व्हाइट हाउस ने जानकारी दी है कि वे बातचीत में पूरी तरह शामिल हैं और चर्चाओं का अगला दौर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए। अमेरिका ने दूसरी बातचीत के लिए दो बड़ी शर्तें रखी हैं, जिसमें ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह खोलना होगा और बातचीत करने वाले प्रतिनिधियों के पास अंतिम फैसला लेने का पूरा अधिकार होना चाहिए।
ईरान और इसराइल का इस मामले में क्या स्टैंड है?
ईरान के डिप्टी स्पीकर अली निकजाद ने साफ कर दिया है कि ईरान यूरेनियम समृद्ध करने के अपने अधिकार पर बातचीत नहीं करेगा। हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि वे समृद्ध करने के स्तर और प्रकार पर चर्चा कर सकते हैं। वहीं इसराइल के रक्षा मंत्री ने कहा कि ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम हटाना होगा, तभी यह अभियान खत्म होगा। इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि वे युद्ध दोबारा शुरू होने के लिए तैयार हैं।
ताज़ा घटनाक्रम और मुख्य अपडेट
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| युद्धविराम की तारीख | 22 अप्रैल को खत्म होगा |
| संभावित मीटिंग जगह | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| अमेरिकी प्रतिबंध | 15 अप्रैल को 29 लोगों और कंपनियों पर लगाए गए |
| मध्यस्थता | पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर कर रहे हैं |
| अमेरिकी नाकेबंदी | ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी है |
| इसराइल की शर्त | ईरान से समृद्ध यूरेनियम को हटाना जरूरी |