ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु बातचीत को लेकर एक बड़ा अपडेट आया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ कह दिया है कि जब तक एक बीच का समझौता (interim agreement) लागू नहीं होता, तब तक अमेरिका के साथ कोई बात नहीं होगी। इस बीच Strait of Hormuz में तनाव फिर से बढ़ गया है और ड्रोन हमले भी हुए हैं।
ℹ: Iran-US Deal: अमेरिका के साथ समझौते की बात, लेकिन कमांडर ने दी चेतावनी, ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव।
बीच के समझौते (MoU) की क्या हैं शर्तें
ईरान और अमेरिका के बीच एक अंतरिम समझौता यानी MoU पर चर्चा चल रही है। इस समझौते का मुख्य मकसद तनाव को कम करना है। इसमें Strait of Hormuz को दोबारा खोलने और अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी खत्म करने की बात कही गई है। बदले में ईरान वादा करेगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। अगर यह MoU लागू होता है, तो अगले 60 दिनों तक तकनीकी बातचीत होगी ताकि परमाणु कार्यक्रम जैसे बड़े मुद्दों को सुलझाया जा सके।
देशों के बीच अलग-अलग दावे
इस डील को लेकर अलग-अलग देशों और अधिकारियों से अलग बातें सामने आई हैं:
- पाकिस्तान: प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने घोषणा की कि शांति समझौते का एक अंतिम मसौदा (text) तैयार हो गया है।
- अमेरिका: अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्ष शुरुआती डील पर सहमत हो गए हैं और आने वाले दिनों में इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
- डोनाल्ड ट्रंप: राष्ट्रपति Donald Trump ने लीक हुए ड्राफ्ट को गलत बताया और कहा कि यह तय की गई शर्तों को नहीं दिखाता।
- ईरान: ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA ने बताया कि ईरान अपने यहाँ यूरेनियम समृद्ध (enrichment) करने के अधिकार और उसे देश में रखने की मांग पर अड़ा है।
Strait of Hormuz में सैन्य हलचल
बातचीत के दावों के बीच समुद्र में हालात तनावपूर्ण रहे। 13 जून को US Central Command ने पुष्टि की कि उन्होंने ईरान के कई ड्रोन गिराए हैं, जो व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे थे। दूसरी तरफ, ईरान की मीडिया ने बताया कि उनके बलों ने Strait of Hormuz में जहाजों को चेतावनी देने के लिए गोले दागे, जिससे Sirik पोर्ट और Qeshm आइलैंड के पास धमाके हुए। विदेश मंत्री Araghchi ने यह भी कहा कि Strait of Hormuz की संप्रभुता ईरान और ओमान की है और यह पहले जैसा नहीं रहेगा।
अमेरिका का गोपनीय मिशन
एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के अंदर घुसकर समृद्ध यूरेनियम को वापस लाने के लिए एक सैन्य मिशन की योजना बनाई थी, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने आखिरी समय पर इस ऑपरेशन को रोक दिया।
