ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु विवाद को सुलझाने के लिए स्विट्जरलैंड में एक अहम बैठक शुरू हुई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने ऐलान किया है कि उनका देश परमाणु बम न बनाने की लिखित गारंटी देने के लिए तैयार है। इस बातचीत का मुख्य मकसद क्षेत्र में तनाव को कम करना और पुराने विवादों को खत्म करना है।
🗞️: UAE Weather Alert: मंगलवार से UAE में बदलेगा मौसम, कुछ इलाकों में होगी बारिश और चलेगी धूल भरी हवाएं।
स्विट्जरलैंड में जुटे बड़े नेता
यह बातचीत स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक (Bürgenstock) में स्थित एक लग्जरी होटल में हो रही है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर रहे हैं, जबकि ईरान की तरफ से संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागर कालिबाफ टीम की अगुवाई कर रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ कतर के प्रतिनिधि भी मध्यस्थ के तौर पर मौजूद हैं।
समझौते की मुख्य बातें
दोनों देशों ने जून की शुरुआत में एक सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। अब इस बैठक में उस समझौते को लागू करने और अगले 60 दिनों के भीतर एक विस्तृत परमाणु समझौते पर पहुंचने की कोशिश की जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान परमाणु हथियार न रखने पर सहमत हो गया है और उनके सौदे का मुख्य हिस्सा यही है।
यूरेनियम और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा
ईरान ने यह साफ कर दिया है कि वह शांतिपूर्ण कामों के लिए यूरेनियम समृद्ध (enrich) करने का अपना कानूनी अधिकार नहीं छोड़ेगा। इसी के साथ, लेबनान में चल रहे तनाव और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की स्थिति पर भी चर्चा होगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वादा किया है कि सीजफायर की अवधि के दौरान 60 दिनों तक हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में कोई टोल नहीं लिया जाएगा।
निरीक्षण की चुनौती
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के लिए अभी भी ईरान की कुछ परमाणु सुविधाओं तक पहुंचना मुश्किल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के पास यूरेनियम का बड़ा भंडार है, जिसकी सही जांच के बिना समझौते को पूरी तरह सफल मानना कठिन होगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने कहा है कि अंतिम समझौते पर बात तभी होगी जब सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया जाएगा।
