Iran Nuclear Deal: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फंसी, यूरेनियम रोकने पर हुआ विवाद, ट्रंप ने जताया भरोसा
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर चल रही बातचीत में एक बार फिर अड़चनें आ गई हैं। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump इसे एक बड़ी जीत मान रहे हैं, वहीं ईरान का कहना है कि अभी कई बातों पर सहमति नहीं बनी है। इस खींचतान के बीच दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या वाकई कोई समझौता होगा या तनाव और बढ़ेगा।
ℹ️: US ने ईरान के पोर्ट्स पर लगाया नाकेबंदी का पहरा, 12 जहाज और 10,000 सैनिक तैनात।
अमेरिका और ईरान की मांगों में क्या है अंतर?
दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी लड़ाई इस बात को लेकर है कि यूरेनियम का काम कितने समय के लिए रोका जाए। अमेरिका चाहता है कि यह काम लंबे समय तक बंद रहे, जबकि ईरान कम समय के लिए तैयार है। नीचे दी गई टेबल से समझें कि दोनों पक्ष क्या चाहते हैं:
| विषय | अमेरिका की मांग | ईरान का पक्ष |
|---|---|---|
| यूरेनियम रोकना | 20 साल का निलंबन | 3 से 5 साल का निलंबन |
| स्टॉक का क्या होगा | पूरा यूरेनियम सरेंडर करना होगा | शांतिपूर्ण इस्तेमाल का अधिकार |
| शर्तें | Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलना | अमेरिका पर भरोसे की कमी |
| सुविधाएं | बड़ी न्यूक्लियर फैसिलिटी हटाना | प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करने से इनकार |
अगर समझौता नहीं हुआ तो क्या खतरा है?
अमेरिका ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने साफ कहा कि अगर ईरान ने गलत रास्ता चुना तो उसे नाकेबंदी और हवाई हमलों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार न आएं। वहीं इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने भी कहा कि यूरेनियम को हटाना एक जरूरी शर्त है, वरना हालात और खराब हो सकते हैं।
मध्यस्थता और युद्धविराम की मौजूदा स्थिति क्या है?
इस पूरे मामले को सुलझाने में पाकिस्तान और ओमान बीच-बचाव कर रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir लगातार कोशिशें कर रहे हैं। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिन का युद्धविराम चल रहा है जो 22 अप्रैल को खत्म होगा। इसके अलावा इसराइल और लेबनान के बीच भी 10 दिन का युद्धविराम 17 अप्रैल से शुरू हुआ है। अब उम्मीद यह है कि दोनों देश किसी छोटे या अस्थायी समझौते पर साइन कर सकें ताकि युद्ध को टाला जा सके।