ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। ईरान ने साफ कह दिया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम के भंडार पर कोई समझौता नहीं करेगा। इसी बीच खाड़ी क्षेत्र में सैन्य टकराव भी बढ़ गया है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है।

अमेरिका की क्या थी मांग और ईरान ने क्यों किया मना?

अमेरिका ने ईरान के सामने कई कड़ी शर्तें रखी थीं। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना सारा संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) सौंप दे और फोर्डो (Fordow), नतान्ज़ (Natanz) और इस्फहान जैसे परमाणु केंद्रों को पूरी तरह बंद करे। साथ ही, अमेरिका ने 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन न करने की मांग की है।

  • ईरान का जवाब: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने इन मांगों को बहुत ज़्यादा बताया और इन्हें मानने से इनकार कर दिया।
  • दावा: ईरान ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को गलत बताया जिसमें कहा गया था कि ईरान से 400 किलो यूरेनियम हटाया गया है।
  • रेड लाइन: ईरान के संसदीय अधिकारी Behnam Saeedi ने साफ किया कि यूरेनियम संवर्धन और जमी हुई संपत्ति की वापसी ईरान के लिए ‘रेड लाइन’ है, जिस पर कोई समझौता नहीं होगा।

Strait of Hormuz और UAE में क्या चल रहा है?

तनाव सिर्फ बातों तक नहीं रहा, बल्कि जमीन पर भी असर दिखा। US Central Command ने बताया कि ईरान ने Strait of Hormuz में अमेरिकी जहाजों पर हमले किए, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक की।

  • UAE पर असर: 8 मई को UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरानी मिसाइल हमलों को रोका, लेकिन इस दौरान तीन लोग घायल हो गए।
  • नया नियम: ईरान ने ‘Persian Gulf Strait Authority’ नाम की एक सरकारी एजेंसी बनाई है। अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को ईरान से इजाजत लेनी होगी और टैक्स देना होगा।
  • ईरान का आरोप: ईरान ने अमेरिकी हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है और कहा है कि उसकी सेना किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है।

क्या पाकिस्तान करा पाएगा शांति समझौता?

इस पूरे विवाद के बीच पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की कोशिश की जा रही है। ईरान ने बताया कि वह पाकिस्तान से मिले संदेशों की जांच कर रहा है, लेकिन अभी तक अमेरिका को कोई अंतिम जवाब नहीं दिया है।

ईरान ने एक तीन चरणों वाला प्लान प्रस्तावित किया है। इसमें पहले चरण में युद्ध रोकने और नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की बात है, जबकि परमाणु मुद्दों पर चर्चा दूसरे चरण में करने का प्रस्ताव है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ईरान से मुख्य रूप से क्या मांग कर रहा है?

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना सारा संवर्धित यूरेनियम सौंप दे, फोर्डो और नतान्ज़ जैसे परमाणु केंद्र बंद करे और अगले 20 सालों तक यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाए।

Strait of Hormuz में सैन्य तनाव क्यों बढ़ा है?

ईरान ने अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। अब ईरान ने यहाँ जहाजों के आने-जाने के लिए अपना नियंत्रण और टैक्स लागू कर दिया है।