अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुँच गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है ताकि आर्थिक दबाव बनाया जा सके। वहीं ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने दावा किया है कि अमेरिकी नाकाबंदी के बावजूद उनके तेल के कुएं सुरक्षित हैं और जल्द ही कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है।

🚨: ईरान ने बंद किया Strait of Hormuz, कुवैत और GCC देशों ने जताई कड़ी नाराजगी, अब बढ़ेगी दुनिया की टेंशन.

क्या अमेरिकी नाकाबंदी से ईरान के तेल कुएं बंद हो जाएंगे?

ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिकी कोशिशों को रणनीतिक रूप से गलत बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन्स के शुरुआती दिनों में ईरान का कोई भी तेल बुनियादी ढांचा नष्ट नहीं हुआ है। उनका दावा है कि ईरान के तेल कुएं ओवरफ्लो नहीं हो रहे हैं और वे पूरी तरह चालू हैं। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह नौसैनिक नाकाबंदी बमबारी से ज़्यादा असरदार है और ईरान अब दबाव महसूस कर रहा है।

तेल संकट और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर होगा?

इस विवाद के कारण वैश्विक तेल बाजार में हलचल मची हुई है। मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • UAE का फैसला: तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए UAE ने 28 अप्रैल 2026 को OPEC छोड़ने का ऐलान किया।
  • ईरान की स्थिति: तेल मंत्री Mohsen Paknejad ने कहा कि देश में ईंधन की सप्लाई और वितरण में कोई समस्या नहीं है।
  • स्टोरेज की समस्या: कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के पास तेल स्टोर करने की क्षमता खत्म हो रही है और अगले 12 से 22 दिनों में उसे उत्पादन कम करना पड़ सकता है।
  • आर्थिक दबाव: ईरान की करेंसी अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है जिससे वहां की अर्थव्यवस्था मुश्किलों में है।
  • अमेरिकी खर्च: फरवरी के अंत से अब तक इस सैन्य ऑपरेशन में अमेरिका को 25 अरब डॉलर खर्च करने पड़े हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोई गुंजाइश है?

पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान ने संकेत दिया है कि वह सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei से सलाह करने के बाद एक संशोधित प्रस्ताव पेश करेगा।

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान पर और क्या पाबंदियां लगाई हैं?

28 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरान के शैडो बैंकिंग नेटवर्क पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं और वित्तीय संस्थानों को चीन द्वारा ईरानी तेल खरीदने में मदद न करने की चेतावनी दी है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com