ईरान और अमेरिका के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है जिससे दुनिया भर में शांति की उम्मीद जगी है। दोनों देशों ने एक MoU पर सहमति जताई है जिसके बाद अब युद्ध रुकेगा और समुद्र के रास्ते खुलेंगे। इस खबर के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें स्विट्जरलैंड पर टिकी हैं जहां इस डील पर मोहर लगेगी।
🚨: US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने का समझौता, सऊदी अरब ने किया स्वागत।
नाकाबंदी हटेगी और रास्ते खुलेंगे
अमेरिका ने ईरान पर लगाई गई नौसेना की नाकाबंदी को सोमवार रात (15 जून, 2026) से खत्म करने का फैसला किया है। इसके साथ ही Strait of Hormuz को फिर से खोलने का आदेश दिया गया है। इस समझौते के तहत लेबनान समेत सभी मोर्चों पर चल रहे युद्ध और सैन्य अभियानों को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने की बात कही गई है।
19 जून को होगा आधिकारिक साइन
इस समझौते को औपचारिक रूप देने के लिए 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में एक साइनिंग सेरेमनी होगी। वहां दोनों देशों के प्रतिनिधि इस MoU पर हस्ताक्षर करेंगे। इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब और तुर्की ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस शांति समझौते की जानकारी साझा की।
ईरानी अधिकारियों का क्या कहना है
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने बताया कि यह समझौता ईरान की मजबूती की वजह से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि MoU का ड्राफ्ट इस तरह तैयार किया गया है कि दुश्मन पर भरोसा न किया जाए और अमेरिका की प्रतिबद्धताओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
- सरकारी प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने कहा कि बातचीत मजबूती से करना जरूरी है ताकि देश को असल फायदा मिले।
- राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ किया कि अमेरिका के साथ बातचीत करने का मतलब ईरान के सिद्धांतों को छोड़ना नहीं है।
- संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि बेरुत में इसराइल के हमले ने अमेरिका की नीयत पर सवाल उठाए थे।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते की घोषणा की और नौसेना की नाकाबंदी हटाने की मंजूरी दी। हालांकि, अमेरिका के कुछ राजनेताओं ने इस डील की शर्तों को लेकर संदेह जताया है क्योंकि MoU की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।