ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते से UAE में रहने वाले प्रवासियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। पिछले कुछ महीनों से क्षेत्रीय तनाव की वजह से कई सेक्टरों में नौकरियां गई थीं और सैलरी में कटौती हुई थी, लेकिन अब इस डील के बाद आर्थिक स्थिरता लौटने की उम्मीद जगी है।
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समझौते की मुख्य बातें और तारीखें
17 और 18 जून 2026 को एक समझौता ज्ञापन (MOU) साइन किया गया है, जो अब लागू हो चुका है। इस पर अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने दस्तखत किए। इस 14 पॉइंट के समझौते के तहत सभी मोर्चों पर, जिसमें लेबनान भी शामिल है, सैन्य कार्रवाई को तुरंत और स्थायी रूप से बंद करने का फैसला हुआ है।
अमेरिका ने ईरान पर से अपनी नौसेना की पाबंदी हटा ली है और Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया गया है। इसके साथ ही ईरान को अब तुरंत तेल निर्यात करने की अनुमति मिल गई है। यह एक शुरुआती कदम है और दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते पर शुक्रवार, 19 जून 2026 को Switzerland में दस्तखत होने की उम्मीद है।
UAE के प्रवासियों और बिजनेस पर असर
इस समझौते का सबसे ज्यादा असर UAE के जॉब मार्केट पर पड़ेगा। पिछले कुछ समय से Hospitality, Retail और F&B जैसे सेक्टर तनाव की वजह से मुश्किल दौर से गुजर रहे थे, जिसके कारण कई कर्मचारियों की सैलरी काटी गई या उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। अब रिक्रूटर्स और HR लीडर्स का मानना है कि इस डील से कंपनियों का भरोसा लौटेगा और वे फिर से नई भर्तियां शुरू कर सकती हैं।
बिजनेस सेक्टर में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है। तनाव के दौरान ट्रेड रूट बाधित हुए थे और ऑपरेटिंग लागत बढ़ गई थी, जिससे छोटे और बड़े बिजनेस प्रभावित हुए थे। अब उम्मीद है कि व्यापार फिर से तेजी से बढ़ेगा और रहने की लागत में भी कमी आएगी।
ट्रैवल और टूरिज्म में बदलाव
यात्रा के मोर्चे पर भी सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं। 17 जून 2026 को ऑस्ट्रेलिया ने UAE और अन्य खाड़ी देशों के लिए अपनी ट्रैवल एडवाइजरी को कम कर दिया है। अब ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बीमा कवरेज के साथ इन देशों की यात्रा और ट्रांजिट कर सकते हैं। हालांकि ट्रैवल एजेंटों का कहना है कि सीजन पीक पर होने के कारण हवाई किराए तुरंत कम नहीं होंगे, लेकिन आने वाले समय में इसमें राहत मिल सकती है।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां
- पाकिस्तान की भूमिका: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने में पाकिस्तान ने मध्यस्थ का काम किया।
- पुनर्निर्माण प्लान: अमेरिका अपने क्षेत्रीय पार्टनर्स के साथ मिलकर ईरान के आर्थिक विकास और पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 बिलियन डॉलर का प्लान तैयार करेगा।
- संपत्ति की वापसी: अमेरिका ईरान की जमी हुई संपत्तियों को मुक्त करेगा और तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को खत्म करेगा।
राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ किया है कि अगर ईरान ने नियमों का पालन नहीं किया तो अमेरिका फिर से कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के पुनर्निर्माण में खुद पैसा नहीं लगाएगा, बल्कि यह काम अन्य देशों को करना होगा।