ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति समझौते की बातचीत के बीच ईरान के सबसे बड़े सुरक्षा अधिकारी ने बड़ा बयान दिया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) के अनुसार, सुरक्षा अधिकारी ने साफ कर दिया है कि ईरान अपने कदम पीछे नहीं खींचेगा। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत को सकारात्मक बताया है लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है। कतर और ओमान भी इस बातचीत में मध्यस्थ के रूप में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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ईरान के सुरक्षा परिषद ने बातचीत के बीच क्या कहा?

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव होसैन देहगान ने 25 मई 2026 को देश की जनता से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता में ईरान किसी भी तरह से पीछे नहीं हटेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने भी साफ किया कि हालांकि कई मुद्दों पर आपसी समझ बनी है, लेकिन समझौते पर हस्ताक्षर इतनी जल्दी नहीं होने वाले हैं। ईरान ने अमेरिकी बयानों में विरोधाभास और इजरायली हस्तक्षेप को समझौते की राह में बड़ी बाधा बताया है।

समझौते को लेकर ईरान की क्या हैं मुख्य मांगें?

ईरान के वरिष्ठ विदेश मंत्रालय अधिकारी होसैन नोशाबादी ने समझौते के लिए अपनी प्रमुख मांगें सामने रखी हैं। ईरान इन मांगों को पूरा होने पर ही किसी समझौते पर आगे बढ़ेगा।

  • युद्ध को पूरी तरह से समाप्त किया जाए और क्षेत्र में शांति बहाल हो।
  • ईरान के फ्रीज किए गए पैसों और संपत्ति को तुरंत रिलीज किया जाए।
  • अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाया जाए।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोला जाए और वहां से अमेरिकी सेना पीछे हटे।
  • ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना तेल बेचने की पूरी आजादी मिले।

जलमार्ग शुल्क और अमेरिका की प्रतिक्रिया पर क्या अपडेट है?

ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने की खबरों को खारिज किया है। प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बताया कि ईरान वहां कोई टोल नहीं वसूल रहा है, बल्कि ओमान के साथ मिलकर सिर्फ नेविगेशन सेवाओं के लिए शुल्क तय करने पर बातचीत कर रहा है। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि बातचीत अच्छी चल रही है। हालांकि ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि अगर यह बातचीत नाकाम रही, तो नए हमले भी किए जा सकते हैं। इस बातचीत में कतर के प्रधानमंत्री भी मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान और अमेरिका के बीच समझौता होने वाला है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बन गई है, लेकिन समझौता अभी अंतिम चरण में नहीं है और हस्ताक्षर होने में समय लगेगा।

ईरान ने समझौते के लिए क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान की शर्तों में युद्ध की समाप्ति, फ्रीज संपत्ति की बहाली, अमेरिकी प्रतिबंध हटाना, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना और तेल बेचने की पूरी आजादी शामिल है।