अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग को रोकने के लिए पाकिस्तान दिन-रात कोशिश कर रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, ईरान अभी अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर अपना जवाब तैयार कर रहा है और पाकिस्तान इस मामले में दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचा रहा है। दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या यह डील कामयाब होगी या तनाव और बढ़ेगा।
ईरान और पाकिस्तान के बीच क्या बातचीत हुई है?
7 मई 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi और पाकिस्तान के विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar के बीच फोन पर बात हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और बातचीत के जरिए मामला सुलझाने पर जोर दिया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने बताया कि सरकार अभी अमेरिकी प्लान की समीक्षा कर रही है और जल्द ही अपना फैसला पाकिस्तान को बताएगी। ईरान ने यह भी साफ किया कि उन्होंने अभी तक पाकिस्तान को कोई लिखित जवाब नहीं दिया है क्योंकि कानूनी और तकनीकी जांच जारी है।
पाकिस्तान और अमेरिका का इस पर क्या कहना है?
- पाकिस्तान का नजरिया: प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने कहा कि पाकिस्तान युद्ध रोकने और युद्धविराम को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका और ईरान के संपर्क में है। प्रवक्ता Tahir Andrabi ने उम्मीद जताई कि जल्द ही कोई समाधान निकल आएगा।
- अमेरिका का रुख: राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ उनकी बहुत अच्छी बातचीत हुई है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो फिर से भारी बमबारी शुरू हो सकती है।
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य और सऊदी अरब की भूमिका क्या है?
इस विवाद के बीच Strait of Hormuz में तनाव भी रहा है। पाकिस्तान और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman के अनुरोध पर अमेरिका ने फिलहाल वहां कमर्शियल जहाजों को रास्ता देने वाले सैन्य ऑपरेशन को रोक रखा है ताकि शांति समझौते का रास्ता साफ हो सके। बता दें कि दोनों देशों के बीच फरवरी 2026 से तनाव चल रहा है और अप्रैल से एक कमजोर युद्धविराम लागू है। इससे पहले अप्रैल में इस्लामाबाद में दोनों देशों की बातचीत हुई थी लेकिन तब कोई नतीजा नहीं निकला था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव का जवाब दे दिया है?
नहीं, ईरानी विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि उन्होंने अभी तक पाकिस्तान को कोई जवाब नहीं सौंपा है और अभी प्रस्ताव की समीक्षा की जा रही है।
इस पूरे मामले में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है ताकि युद्ध को रोका जा सके।