ईरान में अमेरिका के साथ होने वाले एक प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है। मशहद और तेहरान की सड़कों पर सैकड़ों लोग उतरे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। यह पूरा विवाद विदेश मंत्री Abbas Araghchi के एक टीवी इंटरव्यू के बाद शुरू हुआ है जिससे लोग काफी नाराज हैं।

सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

शनिवार, 13 जून 2026 को ईरान के मशहद और तेहरान में विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने विदेश मंत्री Abbas Araghchi को अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया और उन्हें घुसपैठिया बताया। लोगों ने विदेश मंत्री और संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस समझौते से Strait of Hormuz पर ईरान का नियंत्रण खत्म हो जाएगा और सरकार ने अमेरिका के सामने बहुत ज्यादा झुकने का फैसला किया है।

समझौते की मुख्य बातें

विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि अमेरिका के साथ एक समझौता करीब है। इस अंतरिम डील में Strait of Hormuz को दोबारा खोलने और कई मोर्चों पर चल रहे झगड़ों को खत्म करने की बात कही गई है। साथ ही, अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाएगा। हालांकि, परमाणु चर्चाओं को बाद के लिए टाला गया है। Araghchi ने यह भी कहा कि Strait of Hormuz का प्रबंधन पहले जैसा नहीं रहेगा क्योंकि यह ईरान के लिए बचाव का एक मुख्य जरिया है।

साइनिंग की तारीख पर उलझन

इस डील पर हस्ताक्षर कब होंगे, इसे लेकर अलग-अलग बयान आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह समझौता रविवार, 14 जून 2026 को साइन होगा और Strait of Hormuz को तुरंत सभी जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भी संकेत दिए कि इस्लामाबाद रविवार को एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस साइनिंग की मेजबानी करेगा। लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने इस बात को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि रविवार को कोई साइनिंग नहीं होगी, हालांकि आने वाले दिनों में ऐसा हो सकता है।

तनाव और अन्य देशों का नजरिया

एक तरफ बातचीत चल रही है, तो दूसरी तरफ तनाव भी बढ़ा हुआ है। शनिवार सुबह अमेरिका ने Strait of Hormuz में ईरान के कई अटैक ड्रोन को मार गिराया। US Central Command ने बताया कि ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी अभी भी जारी है। इस बीच, इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति Trump इस समझौते में ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकेंगे। इजराइल ने यह भी साफ किया कि वह लेबनान में अपने सुरक्षा जोन से पीछे नहीं हटेगा।