अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया है। इस पोस्ट में उन्होंने प्राचीन फारस की रोमन साम्राज्य पर जीत का जिक्र किया है। इस संदेश को सीधे तौर पर वाशिंगटन के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, जिसमें यह संकेत दिया गया है कि अमेरिका को ईरान के साथ समझौता करने के लिए उसकी शर्तों के आगे झुकना पड़ा है।

ईरान ने रोमन साम्राज्य की हार का जिक्र क्यों किया?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इतिहास का हवाला दिया है। उन्होंने रोमन सम्राट मार्कस जूलियस फिलिपस का जिक्र करते हुए लिखा कि जब रोम ने पूर्व में फारस पर हमला किया था, तब उसे अंततः फारस की शर्तों पर ही शांति समझौता करना पड़ा था। इस ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करके ईरान यह संदेश देना चाहता है कि वर्तमान बातचीत में भी अमेरिका को तेहरान की शर्तों को मानना पड़ा है।

क्या सच में हो गया है अमेरिका और ईरान के बीच समझौता?

अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के युद्धविराम को लेकर बातचीत जारी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है, लेकिन अभी इसे अंतिम नहीं माना जा सकता। वहीं यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इस प्रगति का स्वागत किया है। इस संभावित समझौते में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा शामिल है। हालांकि, ईरान ने संवर्धित यूरेनियम को सौंपने की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और इसे अमेरिकी प्रोपेगैंडा बताया है।

समझौते को लेकर ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?

ईरान ने शांति समझौते के बदले अमेरिका के सामने कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं। इन शर्तों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:

  • युद्ध से हुए नुकसान के लिए अमेरिका द्वारा हर्जाना देना।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर तेहरान की संप्रभुता को मान्यता देना।
  • ईरान के फ्रीज किए गए पैसों और संपत्तियों को वापस जारी करना।
  • ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान परमाणु कार्यक्रम से जुड़े यूरेनियम को सौंपने के लिए तैयार है?

नहीं, ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स और सरकारी मीडिया ने इन दावों को खारिज किया है। ईरान ने साफ किया है कि परमाणु मुद्दे पर अभी तक कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच इस बातचीत में कौन सा देश मध्यस्थता कर रहा है?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इस शांति वार्ता में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.