अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब धीरे-धीरे कम होता दिख रहा है। शांति बातचीत शुरू होने से ठीक पहले अमेरिका ने अपनी समुद्री नाकाबंदी में ढील दी है, जिससे ईरान के तेल टैंकर अब सुरक्षित बाहर निकल पा रहे हैं। यह खबर पूरी दुनिया के लिए बहुत बड़ी है क्योंकि इसका सीधा असर तेल की सप्लाई और समुद्री रास्तों पर पड़ेगा।

17 जून 2026 को यह खबर आई कि ईरान के कई बड़े तेल टैंकर, जिनमें DIONA और HERO2 जैसे VLCC सुपरटैंकर शामिल हैं, अमेरिकी नाकाबंदी के घेरे से बाहर निकल गए हैं। इन टैंकरों में लाखों बैरल कच्चा तेल लदा हुआ है। इससे पहले 16 जून को ईरान की सरकारी मीडिया ने भी बताया था कि उनके मालवाहक जहाज और तेल टैंकर बिना किसी परेशानी के Gulf of Oman को पार कर चुके हैं।

स्विट्जरलैंड में होगी बड़ी बैठक

इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य वजह वह शांति समझौता है जिस पर दोनों देश बातचीत कर रहे हैं। शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर होने वाले हैं। इस बैठक के बाद एक फाइनल पीस डील पर चर्चा शुरू होगी। इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मध्यस्थ के तौर पर अहम भूमिका निभाई है।

क्या बोले बड़े अधिकारी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एलान किया कि ईरान के साथ शांति समझौता पूरा हो गया है और उन्होंने Strait of Hormuz को बिना किसी टोल के खोलने की पूरी मंजूरी दे दी है। वहीं, ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री Majid Takht-Ravanchi ने 16 जून को कहा कि औपचारिक हस्ताक्षर से पहले ही अमेरिका ने दो महीने से लगी नाकाबंदी हटा ली है।

हालांकि, इस मुद्दे पर थोड़ी उलझन भी है। Joint Maritime Information Center (JMIC) ने 15 जून को एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि नाकाबंदी 19 जून को MoU साइन होने तक लागू रहेगी। इसके अलावा, अमेरिका चाहता है कि यह रास्ता पूरी तरह फ्री रहे, लेकिन ईरान की Revolutionary Guards (IRGC) से जुड़ी मीडिया का कहना है कि वे 60 दिनों के लिए फीस लेना बंद करेंगे, लेकिन उसके बाद फिर से सर्विस फीस वसूलना शुरू कर देंगे।

युद्ध और विवाद की पृष्ठभूमि

  • यह पूरा विवाद 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए “Iran War” के बाद बढ़ा था।
  • अप्रैल 2026 में अमेरिका ने Strait of Hormuz पर अपनी नौसेना के जरिए नाकाबंदी लगा दी थी।
  • 15 जून 2026 से अमेरिका ने इस नाकाबंदी का दायरा बढ़ाकर दुनिया भर के उन सभी ईरानी जहाजों पर लागू कर दिया था जिन पर प्रतिबंध लगे हैं।
  • इस बीच, इसराइल द्वारा दक्षिणी लेबनान में किए जा रहे हमलों ने शांति की उम्मीदों को थोड़ा कम कर दिया है, जिस पर ईरान की सैन्य कमांड ने कड़ी चेतावनी दी है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.