अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ होने वाले शांति समझौते को लेकर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ़ कहा कि यह समझौता अभी अंतिम नहीं है। अगर उन्हें यह डील पसंद नहीं आई या ईरान ने सही व्यवहार नहीं किया, तो अमेरिका फिर से बमबारी और हमले शुरू कर सकता है।

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यह बातें ट्रंप ने बुधवार, 17 जून 2026 को फ्रांस के Evian में आयोजित G7 समिट के दौरान मिस्र (Egypt) के राष्ट्रपति के साथ एक बैठक में कहीं। ईरान के साथ इस अहम शांति समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर शुक्रवार, 19 जून 2026 को होने वाले हैं। ट्रंप ने इस दस्तावेज़ को बहुत शक्तिशाली बताया और कहा कि इसमें साफ़ लिखा है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रखेगा।

उपराष्ट्रपति JD Vance ने इस डील की बारीकियों के बारे में बताया। उन्होंने साफ़ किया कि यह एक ‘परफॉरमेंस-बेस्ड फ्रेमवर्क’ है। इसका मतलब यह है कि ईरान को आर्थिक पाबंदियों से राहत तभी मिलेगी जब वह समझौते में लिखी अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेगा। उन्होंने यह भी कन्फर्म किया कि अब तक अमेरिका या किसी अन्य देश ने ईरान की कोई भी जमी हुई संपत्ति (Frozen Assets) वापस नहीं की है।

इस शांति समझौते को सफल बनाने में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ (Mediator) के तौर पर काम किया है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस समझौते की घोषणा की थी। उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार को साइनिंग सेरेमनी के साथ ही Strait of Hormuz को पूरी तरह खोल दिया जाएगा, जो फिलहाल केवल आंशिक रूप से खुला है।

दूसरी तरफ, ईरान की संसद के स्पीकर Ghalibaf ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका ने अपने वादों को पूरा नहीं किया, तो आगे की बातचीत मुमकिन नहीं होगी। ट्रंप ने यह भी इच्छा जताई है कि वह इस समझौते को अमेरिकी कांग्रेस (Congress) के सामने पेश करेंगे। इस MoU का पूरा टेक्स्ट शुक्रवार के बाद सार्वजनिक किया जाएगा।