ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर बातचीत चल रही है। दोनों देश एक ऐसे समझौते की ओर बढ़ रहे हैं जिससे परमाणु विवाद और युद्ध को खत्म किया जा सके। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने यह साफ कर दिया है कि ईरान में कोई भी गतिविधि या फैसला सुप्रीम लीडर की मर्जी और उनके आदेश के बिना नहीं होगा।

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14 जून 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि समझौता फाइनल हो गया है और जल्द ही इस पर साइन होंगे। लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इस जल्दबाजी पर रोक लगाते हुए कहा कि 14 जून को समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि ईरान अभी भी इस डील के कानूनी और तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में Qatar और Pakistan मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।

समझौते की मुख्य शर्तें

लीक हुई जानकारियों के मुताबिक, इस ड्राफ्ट समझौते में कई अहम बिंदु शामिल हैं जो दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने के लिए रखे गए हैं।

शर्त विवरण
परमाणु हथियार ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और न ही हासिल करेगा
यूरेनियम स्टॉक अमेरिका ईरान के भीतर ही यूरेनियम के स्टॉक को कम करने पर सहमत होगा
समुद्री नाकाबंदी अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी अपनी नौसेना की नाकाबंदी हटाएगा
तेल प्रतिबंध एक तय समय के लिए तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाएगा
जमी हुई संपत्ति अमेरिका ईरान की 25 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति वापस करेगा
लड़ाई का अंत दोनों देशों के बीच चल रही लड़ाई को तुरंत रोकने का फैसला
हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य Strait of Hormuz को फिर से पूरी तरह खोलने पर सहमति

यह पूरा विवाद 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में तत्कालीन सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत हो गई थी। इसके बाद 9 मार्च 2026 को Mojtaba Khamenei ने नए सुप्रीम लीडर के रूप में कमान संभाली।

राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पहले ही कहा था कि युद्ध खत्म करने के लिए ऐसा ढांचा तैयार होना चाहिए जिससे ईरानी लोगों की सुरक्षा और उनके हितों की गारंटी मिल सके। फिलहाल Qatari negotiators तेहरान में अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि जल्द ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके।