ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा शांति समझौता 15 जुलाई 2026 को खत्म हो गया है। ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने घोषणा की कि उनका देश अब हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह से नियंत्रण करेगा। उन्होंने अमेरिका पर बार-बार समझौते की शर्तों को तोड़ने और नौसैनिक नाकेबंदी करने का आरोप लगाया है।
तनाव के कारण बढ़ी चिंता
इस तनाव के कारण मध्य पूर्व के देशों में सुरक्षा का माहौल बिगड़ गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने धमकी दी है कि अगर उन्हें ऊर्जा निर्यात करने से रोका गया, तो वे किसी को भी निर्यात नहीं करने देंगे। इसके अलावा, बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों की खबर है। जॉर्डन की सेना ने भी अपने ऊपर से गुजर रही चार ईरानी मिसाइलों को मार गिराया है।
क्या है मौजूदा स्थिति
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। ईरान के बंपूर में अमेरिकी हमले के बाद सात सैन्य कर्मियों के मारे जाने पर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की बात कही है। यह समझौता केवल एक महीने पहले ही जून 2026 में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में हुआ था, लेकिन अब हालात फिर से युद्ध जैसे बन गए हैं। इस स्थिति का असर क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
