ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने की बातचीत चल रही है, लेकिन मामला अब बिगड़ता दिख रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने अमेरिका पर एकतरफा और नाजायज शर्तें थोपने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
ईरान ने शांति के लिए क्या शर्तें रखीं?
ईरान ने 10 मई को पाकिस्तान के जरिए एक शांति प्रस्ताव भेजा था। प्रवक्ता Baghaei का कहना है कि ईरान का यह प्रस्ताव जायज और उदार है। उन्होंने मुख्य रूप से ये मांगें रखी हैं:
- युद्ध की समाप्ति: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत खत्म हो।
- नाकाबंदी खत्म करना: अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाए और जहाजों पर हो रही कार्रवाई बंद करे।
- संपत्ति की वापसी: अमेरिका ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति वापस करे।
- सुरक्षित रास्ता: Strait of Hormuz से जहाजों के आने-जाने का सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित किया जाए और क्षेत्र में सुरक्षा कायम हो।
ट्रंप का जवाब और दुनिया का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के इस प्रस्ताव को बिल्कुल अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखी। इसी बीच इजरायल के पीएम Benjamin Netanyahu ने कहा है कि जब तक ईरान के पास यूरेनियम का स्टॉक है, युद्ध जारी रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक रूस और चीन इस दौरान ईरान की सैन्य क्षमता को फिर से बनाने में उसकी मदद कर रहे हैं। अप्रैल से लागू हुआ युद्धविराम फिलहाल कायम है, लेकिन Strait of Hormuz में विदेशी युद्धपोतों की मौजूदगी को लेकर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अपना शांति प्रस्ताव कैसे भेजा?
ईरान ने अपना शांति प्रस्ताव 10 मई 2026 को पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया था।
अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद क्या है?
अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है, जबकि ईरान अपनी संपत्ति की वापसी और सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की मांग कर रहा है।
